मंगलवार को करण गौतम अपने पिता के लिए खाना लेकर कारखाना गया था। पिता उसे दवा दिलाने के लिए क्लिनिक संचालक के पास पहुंचे। आरोप है कि क्लिनिक संचालक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया और दवाइयां दी। इंजेक्शन लगाने के कुछ मिनट बाद ही करण की तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजन बच्चे को लेकर दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचे। जिसके बाद क्लिनिक संचालक ने उसे किसी दूसरे अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। जिसके बाद परिजन उसे लेकर भदोही नगर के राजपुरा चौराहे स्थित एक निजी अस्पताल में ले जा रहे थे। इस बीच रास्ते में ही करण ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर मासूम के मौत की जानकारी होते ही क्लिनिक संचालक दुकान बंद कर फरार हो गया। परिजन हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम् के लिए भेज दिया। मासूम के पिता अनिल ने क्लिनिक संचालक के खिलाफ तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक भदोही सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के उपरांत केस दर्ज किया जाएगा।