ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश और नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को डीएम आर्यका अखौरी को ज्ञापन सौंपकर गंगा घाटों पर दाह संस्कार के नाम पर हो रही वसूली पर रोक लगाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने खाली पड़े शहरी कांशीराम आवासों का आवंटन पात्र लोगों को जल्द कराने की मांग भी की।
नगर अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने आरोप लगाया है कि गोपीगंज नगर के दक्षिणी छोर पर स्थित प्राचीन रामपुर गंगा घाट पर जिले के ही नहीं, बल्कि जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी की सीमा से सटे लोग अंतिम संस्कार करने आते हैं। वहां अंतिम संस्कार के दौरान तीन से पांच हजार रुपये तक की वसूली का आरोप लगाया। उनका यह भी कहना था कि पूर्व में हुई शिकायतों पर पुलिस प्रशासन दो-चार दिनों तक कड़ाई की, लेकिन बाद में फिर वही स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने शिकायत की जांच कराकर वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसी तरह उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष घनश्यामदास गुप्ता का कहना था कि विकास भवन के पास बने कांशीराम शहरी आवास कालोनी में काफी संख्या में आवास खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के लोगों की मिलीभगत से खाली पड़े आवासों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को शरण दिया जा रहा है। उन्होंने कोरोना संक्रमण व दैवीय आपदा में छत विहीन हो चुके परिवारों को खाली पड़े कांशीराम आवास आवंटित किए जाने की मांग की। आवंटन का कार्य शिविर लगाकर करने का सुझाव भी दिया। इस मौके पर रमाकांत गुप्ता, रतनलाल अग्रहरि, श्रीकांत जायसवाल, त्रिलोकीनाथ उमर, दिनेश कुमार, सिराज अख्तर, महेश विश्वकर्मा, अभिषेक जायसवाल, अवधेश उमर, रमेश कौशल, दामोदर अग्रहरि, विनीत आदि मौजूद रहे।