भदोही। कालीन कंपनी ओबीटी लिमिटेड और भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) ने उद्योग में सहयोह बढ़ाने के लिए हाथ मिलाया है। ओबीटी के प्रेसीडेंट मलय मजूमदार और आईआईसीटी के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने बुधवार को संस्थान में मेमोरैंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एमओयू के मुताबिक ओबीटी कालीन उद्योग में हो रहे अनुसंधान और विकास पर न केवल संस्थान को समय-समय पर सहयोग प्रदान करेगी बल्कि संस्थान के कॅरिकुलम को बेहतर बनाने में मदद करेगी।
प्रेस से मुखातिब दोनों प्रतिनिधियों ने बताया कि कालीन बाजार के क्षेत्र में परिवर्तन का दौर चल रहा है। इस परिवर्तन से न केवल संस्थान के बीटेक छात्रों को रुबरू होना होगा बल्कि हस्तनिर्मित कालीनों और फ्लोर कवरिंग के निर्माण में वैश्विक पसंद और नापसंद से भी अवगत होना होगा। ओबीटी प्रेसीडेंट ने कहा कि हर रोज ट्रेंड बदल रहा है। कौशल विकास में भी चीन समेत दूसरे देशों को पाने के लिए आवश्यक है कि परस्पर सहयोग बढ़ाया जाए।
संस्थान के निदेशक ने बताया कि ओबीटी हमारे छात्रों के प्लेसमेंट से लेकर उनके प्रशिक्षण में समय समय पर सगयोग देती रही है। ओबीटी जैसे पुराने कालीन प्रतिष्ठान के सहयोग का छात्र-छात्राएं लाभ उठा सकेंगे। निदेशक ने कहा कि ओबीटी प्रेसीडेंट हमारे बीटेक छात्रों की साप्ताहिक कक्षाएं भी ले रहे हैं, जिसका वे लाभ उठा रहे हैं। इस मौके पर बीडी गुप्ता, प्रो. आरके मलिक, आर कर्माकर, मोमिता बेरा, श्रवण कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।