एक्सपो का उद्घाटन दिन में 11 बजे केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार संतोष कमार गंगवार करेंगे। इस एक्सपो में लगभग 400 कालीन आयातकों के भाग लेने की संभावना है।
जबकि देश भर से 303 कालीन निर्यातक अपने उत्कृष्ट कालीन उत्पाद का प्रदर्शन करेंगे।
यह जानकारी गुरुवार को कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के द्वितीय उपाध्यक्ष अब्दुल रब अंसारी ने पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान दी।
उपाध्यक्ष ने बताया कि यह अब तक का तीसवां और वाराणसी में होने वाला यह 11वां एक्सपो होगा। वर्षों पूर्व परिषद द्वारा वाराणसी में एक्सपो आयोजन का फैसला उद्योग हित में साबित हो रहा है।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर वर्ष इसमें भारतीय कालीन निर्यातकों की रुचि बढ़ती जा रही है। कहा कि गत वाराणसी एक्सपो में जहां 283 निर्यातकों ने हिस्सा लिया था वहीं इस बार 303 लोग भाग ले रहे हैं। इसमें खास बात यह है कि अभी तक लोग स्टाल के लिए जगह मांगने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस एक्सपो का आयोजन मझोले उद्यमियों को आगे लाने के उद्देश्य से किया जाता है। इसमे परिषद कामयाब हुई है।
प्रशानिक समिति के वरिष्ठ सदस्य उमेश गुप्ता ने बताया कि एक्सपो में चीन की सरकारी डेलीगेट भी आ रहे हैँ। वहां हस्तनिर्मित कालीनों का उत्पादन बंद हो जाने के बाद से उनकी भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों में रुची बढ़ रही है। यह भारत के लिए अच्छी खबर है। एक्सपो में अमरीका, कनाडा, अर्जेंटीना, आस्ट्रीया, चिली, डेनमार्क, कोलंबिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, घाना, ईरान, नेदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, कोरिया, स्पेन, स्व़ीडेन, टर्की के उच्च स्तरीय खरीदार आ रहे हैं। वार्ता को उमेश कुमार गुप्ता, भरतलाल मौर्य, अनिल कुमार सिंह, ओएन मिश्र, हाजी फिरोज वजीरी, घनश्याम शुक्ला, इस्तियाक खां, हुसैन जाफर हुसैनी, सहायक निदेशक वीके सिन्हा भी मौजूद रहे।