न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंगलवार को मारपीट के मामले में तत्कालीन एसओ चौरी काशीनाथ सिंह समेत तीन खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उक्त आदेश का तामिला कराने के लिए पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई चार मई को तय की गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता पार्वती देवी पत्नी फूलचंद्र निवासी जगरनाथपुर ने अपने अधिवक्ता सत्येंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि एक अप्रैल 2009 को संतोष तिवारी, भोनू तिवारी, लेखपाल जगत पाल, हल्का कानूनगो छोटा सिंह,एसओ चौरी काशीनाथ सिंह एक राय होकर उसके खेत की नापजोख करने लगे। कारण पूछा तो अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उसके परिवार के लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। घटना के बाद एसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर न्यायालय की शरण ली। मामले में प्रथम दृष्टया अपराध पाते हुए आरोपियों को न्यायालय ने बतौर अभियुक्त तलब किया। अदालत की ओर से कई बार तलबी की कार्रवाई हुई लेकिन कोई हाजिर नहीं हुआ। मंगलवार को परिवादी के अधिवक्ता की ओर से दलील पेश की गई कि आरोपी प्रभावशाली हैं जिससे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं हो रहे हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार की अदालत ने पूर्व एसओ काशीनाथ सिंह, हल्का लेखपाल जगत पाल, हल्का कानूनगो छोटा सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट का आदेश सुनाया। न्यायालय की ओर से एसपी भदोही को आदेश का तामिला कराकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया।