ज्ञानपुर। कालीन नगरी में भले ही वन क्षेत्र शून्य है, लेकिन इसे हरा भरा बनाने के लिए हर साल लाखों की संख्या में पौधरोपण किया जाता है। जिले में हर दो साल पर वनावरण क्षेत्र के दायरा में वृद्धि हुई है। 2019 से 2023 तक दो स्कवायर किलोमीटर वनावरण क्षेत्र बढ़ा है। यहां वनावरण क्षेत्र 5.22 है।
जिले को हरा भरा बनाने के लिए बीते पांच सालों में करीब 50 लाख से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। वहीं हाईवे निर्माण सड़क चौड़ीकरण करीब पांच सालों में दस हजार पेड़ काट दिए गए है। जिसके एवज में 20 हजार पौधे रोपित किए गए हैं।
50 लाख में करीब 12 से 14 लाख पौधे वन विभाग की तरफ से रोपित किया गया है। विभाग के मुताबिक 80 फीसदी पौधे जिंदा हैं, क्योंकि इसकी मॉनिटरिंग नियमित की जाती है। वन विभाग की तरफ से नदी, तालाब, खेत के मेड़ पर पौधरोपण किया जाता है। साल 2023 में 3.71 से बढ़कर 5.22 स्क्वायर किलोमीटर वनावरण क्षेत्र है। तालाब, नदी, गांव के जीएस, बंजर जमीन, खेत के मेड पर पौधरोपण किया जाता है। वन विभाग के नाम जंगल की जमीन नहीं है।
मछलीशहर, भदोही, वाराणसी हाईवे 731 बी का निर्माण किया गया। इसके अलावा औराई भदोही मार्ग चौड़ीकरण, भदोही ज्ञानपुर मार्ग, नथईपुर कुसौली मार्ग के चौड़ीकरण में करीब 10 हजार पौधों का बली चढ़ गया है।
प्रभारी मंत्री करेंगे अभियान की शुरूआत
डीएफओ विवेक यादव ने बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाता है। शुक्रवार को जिले भर में दो लाख तीन हजार पौधरोपण किया जाएगा।
यहा विभाग के नाम आरक्षित वन क्षेत्र नहीं है। तालाब, नदी, गांव के जीएस बंजर की जमीन पर पौधरोपण किया जाता है। वनावरण क्षेत्र में वृद्धि हुई है। हर दो साल पर शासन से इसकी रिपोर्ट आती है। - विवेक यादव, डीएफओ, भदोही।
कब कितना बढ़ा वनावरण क्षेत्र
g
साल
वनावरण क्षेत्र
g 2019
3.12 फीसदी
g 2021
3.71 फीसदी
g 2023
5.22 फीसदी
g नोट : वनावरण क्षेत्र स्क्वायर किलोमीटर में हैं।