सीतामढ़ी घाट की ओर बढ़ रहा गंगा का पानी। संवाद
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर दिखने लगा है। गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जल स्तर बढ़ने से गंगा तरी में उभरे रेत के टीले पानी में डूबने लगे हैं।
हालांकि मध्य जुलाई में जहां गंगा का पानी पक्की सीढ़ी के पास तक पहुंच जाता था वहीं अभी गंगा का जलस्तर काफी नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले साल की अपेक्षा इस साल करीब 10 मीटर नीचे पानी है। 2025 में 18 जुलाई को 78.50 मीटर जलस्तर पहुंचा था जबकि इस साल 68.160 तक पहुंचा है।
मानसून की बेरुखी के कारण जिले में बारिश नहीं हो रही है। छिटपुट को छोड़ दिया जाए तो अभी तक 125 मिमी बारिश ही हो सकी है। जिससे धान की रोपाई भी किसान नहीं कर पा रहे हैं। पश्चिम यूपी एवं पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण जलस्तर में कुछ इजाफा हो रहता है। शनिवार दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 68.160 मीटर दर्ज किया गया।
मार्च के प्रथम सप्ताह में जल स्तर 66.190 पर था और जून माह में जल स्तर 65.590 मीटर पर था।
वर्तमान में जलस्तर बढ़ने से गंगा का पानी धीरे-धीरे घाटों के ऊपर चढ़ने लगा है। सीतामढ़ी में लव कुश जन्मोत्सव नवमी मेले के मद्देनजर स्नान घाट पर गंगा में बैरिकेडिंग करा दी गई है। साथ ही पुलिस एवं जल पुलिस की तैनाती भी गंगा घाट पर देखी जा रही है। उधर स्नानार्थियों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। एक पखवाड़े पूर्व जहां गंगा में रेत के टीले और बड़े भू भाग पर रेत और बालू दिख रहा था वहीं अब पानी दिखने लगा है।
अधिशासी अभियंता सिंचाई सुधीर कुमार पाल ने कहा कि बारिश न होने से गंगा का पानी अभी काफी नीचे है। सुरक्षा के मद्देनजर तैयारी पूरी की गई है। जिले में चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर और खतरे का निशान 81.20 मीटर है।