डोमोटेक्स में 2017 में बेस्ट डिजाईन अवार्ड विजेता डिजाईन के साथ नुमान वजीरी। स्रोत-फाईल
हस्तनिर्मित भारतीय कालीन की छाप देश-विदेश में है। बीते दो से ढाई दशक में भारतीय कालीन ने अपनी बेजोड़ डिजाइन की बदौलत अंतराष्ट्रीय स्तर पर कई अवार्ड प्राप्त किए हैं
। विशेष रूप से जर्मनी के हनोवर में लगने वाले डोमोटेक्स में भारतीय डिजाइन वाले कालीन का दबदबा रहा है। कालीन उद्योग के ऑस्कर कहे जाने वाले इस अवाॅर्ड में कम से कम दो अवसरों पर भदोही की डिजाइन ने अमेरिका, चीन जैसे देशों को पछाड़ कर बेस्ट डिजाइन अवाॅर्ड जीते हैं। इसके अलावा जिले के निर्यातक सूर्यमणि तिवारी ने तीन बार राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त किया है। डोमोटेक्स में डिजाइन अवाॅर्ड की परंपरा काफी पुरानी है। जनवरी में हनोवर में जब डोमोटेक्स होता है, तो दुनिया भर के कालीन निर्यातक अपना नामांकन करते हैं।
जिसमें से कुल आठ श्रेणियों में बेस्ट डिजाइन अवाॅर्ड दिए जाते हैं। साल 2017 में भदोही के आठ में से दो डिजाइन को सर्वोत्तम डिजाइन का अवाॅर्ड मिला था। भदोही के नई बाजार की स्टर्लिंग रग्स के नुमान वजीरी की डिजाइन सुपर मून को मिला था।
खास बात यह है कि इस डिजाइन को खुद नुमान वजीरी ने ही तैयार की थी। इसमें कुछ उगते चांद को दिखाया गया था। खासियत यह थी इसमें केवल ऊन और सिल्क के चार-पांच रंग से ही बनाया गया था और इसे तैयार में केवल तीन माह का समय लगा था। आठ श्रेणियों में अवाॅर्ड के लिए 21 देशों के 386 डिजाइन रेस में थी।
जुरी ने प्रत्येक श्रेणी के लिए तीन-तीन डिजाइनों को फाइनल दौर के लिए नामित किया था। जिसमें से एक अवाॅर्ड भदोही के नई बाजार के डिजाइन को मिला। इसी वर्ष दूसरा सर्वोत्तम डिजाइन अवाॅर्ड जयपुर की जयपुर रग्स को मिला था।