सूची में कुछ राजनीतिक लोगों के नाम देखकर लोगों ने कहा कि कालीन उद्योग से जुड़ी योजनाओं में कालीन उद्यमियों का ही शामिल किया जाना चाहिए।
बैठक में केंद्र सरकार से जुड़ी योजनाओं में उद्योग के पिछड़ने का कई प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया। इसके लिए पहल करने के लिए एकमा पूर्व अध्यक्ष रवि पटौदिया को संयोजक मनोनीत किया गया।
बैठक में वर्ष 2015-16 का 17.79 लाख का बजट भी सर्वसम्मति से पास किया गया। वार्षिक बैठक में सबसे पहले कुछ लोगों ने कारपेट एक्सपो मार्ट सोसाइटी के गठन पर अध्यक्ष विनय कपूर से जवाब मांगा।
अब्दुल हादी अंसारी ने कहा कि उद्योग के कार्यों को छिपा कर नहीं किया जाना चाहिए। मार्ट सासाइटी में कौन लोग शामिल हैं उनके नाम सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
इस पर पदाधिकारियों द्वारा अनभिज्ञता जताने पर उन्होंने सूची लहराते हुए पढ़ कर लोगों को सुनाया। उन्होंने कहा कि सूची में उद्योग के अनुभवी लोगों को ही शामिल किया जाना चाहिए।
सदस्यों ने केंद्र सरकार से उद्योग को अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का सवाल उठाया गया। उमेश शुक्ल ने ध्यानाकर्षित किया कि टर्की मामले में खास सफलता नहीं मिली। इसके अलावा इंट्रेस्ट सबवेंशन, लाईसेंस, सेवा कर मामलों में अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिल सका है। एकमाध्यक्ष विनय कपूर ने इसमें अपनी असफलता स्वीकारी और माना कि हम लोगों को सीईपीसी से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इस पर रवि पटौदिया को संयोजक बनाकर पहल करने की रणनीति तय की गई। बैठक में मानद सचिव तनवीर हुसैन ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिसके उपरांत वर्ष 2015-16 का बजट प्रस्ताव पढ़कर सुनाया गया जिसे ध्वनिमत से स्वीकृत किया गया। बैठक में हाजी नसरुल्लाह अंसारी, पियूष बरनवाल, शिवसागर तिवारी, शमीम अंसारी, ओएन मिश्र बच्चा, राजाराम गुप्ता, तनवीर हुसैन, तिलकराज खन्ना, जेपी गुप्ता, एचएन मौर्य, रजा खां, अश़फा़क अंसारी, पियूष बरनवाल, हाजी शाहिद हुसैन, सीए केपी दूबे, नीरज गुप्ता, रामचन्द्र गुप्ता, अभिषेक केशरी, असलम महबूब, अरशद वजीरी, आनंद जायसवाल, आरके बोथरा आदि ने विचार व्यक्त किए।