ज्ञानपुर। वर्तमान युग सूचना क्रान्ति का है। भूमि संबंधी कानूनों में समय-समय पर परिवर्तन होना चाहिए। न्याय, अदालतें, राजस्व की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही हैं। राजस्व और अदालतें दोनों के सामंजस्य से गरीब भूमिहीनों, महिलाओं को उनके मालिकाना जैसे कानूनी अधिकारो को बढ़ावा दिया जा सकता है।
यह बातें मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संस्था लैंडेसा की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि देश के सात राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, लैंडेसा संस्था के सहयोग से गरीबों भूमिहीनों को मदद करने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि लैंडेसा महिलाओं के सशक्तिकरण, जमीन संबंधी मालिकाना और सरकारी सेवाओं में उनकी पहॅूच को बढ़ाने के लिए मीरजापुर, जौनपुर और भदोही में सरकार के साथ साझेदारी कर रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि लैंडसा का उद्देश्य है कि ग्रामीण भूमि हीन परिवारो की गरीबी दूर करने में लोग आगे आएं। डीएम ने कहा कि वह पूरी निष्ठा ईमानदारी के साथ अपने-अपने दायित्वों का पारदर्शिता के साथ निर्वहन करे-कराएं। एडीएम हरिलाल यादव, लैंडेसा की निदेशक शिप्रा देव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।