जगह जगह जलभराव को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। नाली जाम होने से पीरखांपुर मोहल्ले में नाली का पानी नाबदान के रास्ते लोगों के घरों में जमा हो रहा है।
नगर पालिका की ओर से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नगर में जलनिकासी के लिए भूमिगत नाली बनाई गई है लेकिन ठेकेदारों के मनमानी कार्य से जल निकासी बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।
आलमपुर नईबस्ती, दरोपुर, काजीपुर आदि मोहल्लों के बाद अब कजियाना, बाजार सलाबत खां, पीरखांपुर जैसे मोहल्लों में भी जलजमाव लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।
हाल यह है कि सड़कों पर कई कई दिन तक पानी लग रहा है। पानी निकलने का रास्ता नहीं होने से नगर पालिका कर्मचारी भी असहाय हैं। पानी निकालने के लिए सीवर ही एकमात्र सहारा है लेकिन सीवर 40 वर्ष पुराना होने से जवाब दे चुका है।
रही सही कसर अंडरग्राउंड नाली निर्माण ने पूरी कर दी है। जिससे पानी निकलना मुश्किल हो गया है। मोहल्ला पीरखांपुर के तौकीर अहमद अंसारी के घर से जिस नाबदान से पानी सड़क पर आता था आज उसी नाबदान के सहारे सड़क का पानी उनके घर में पहुंच रहा है।
घर में गंदा पानी लगने से लोगों को डर है कि कहीं संक्त्रसमक रोग न फैल जाए।
उधर पालिका समस्या दूर करने में फेल साबित हुई है।
लोगों का कहना है कि मामदेवपुर में क्षतिग्रस्त सीवर के चलते गंदा पानी उल्टा ओवरफ्लो कर रहा है। पालिका के अवर अभियंता अवधेश सिंह ने बताया कि वहां सफाई कर्मियों की टीम लगा दी गई है। जो मशीन से सीवर सफाई का प्रयास कर रहे हैं।