फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतिबंध का दिखा असर, बाजारों में रहा सन्नाटा

विज्ञापन
ज्ञानपुर में जिला न्यायालय के सामने बंद दुकानें। - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
ज्ञानपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम को लेकर प्रदेश सरकार की 55 घंटे की बंदी का असर रविवार को दूसरे दिन भी दिखा। सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अक्सर गुलजार रहने वाले स्थानों पर मवेशी ही टहलते दिखे। स्वास्थ्य, साफ-सफाई संग अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े लोग ही सड़कों पर यदा-कदा दिखे। बंदी को प्रभावी बनाने को लेकर पुलिस भी चौराहे, तिराहे पर चंक्रमण करती रही। रविवार को ज्ञानपुर, जंगीगंज, सुरियावां और महराजगंज बाजार से बंदी की लाइव रिपोर्ट।
विज्ञापन

सुबह 10 बजे: खुली रही मेडिकल की दुकान
ज्ञानपुर नगर के पुरानी तहसील मार्ग पर सामान्य दिनों में काफी भीड़-भाड़ रहती है। बंदी के कारण रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। मेडिकल की दुकानों को छोड़ कर अन्य दुकानों के शटर डाउन रहे। सड़कों पर गिने-चुने या दवा लेने वाले ही दिखे।
सुबह 11 बजे: दुर्गागंज तिराहा
ज्ञानपुर नगर के प्रमुख तिराहों में शामिल दुर्गागंज तिराहा गोपीगंज, भदोही और जौनपुर के जंघई को जोड़ने वाला प्वाइंट है। इससे तिराहे पर अक्सर छोटी-बड़ी वाहनों की कतार लगी रहती है। बंदी के कारण रविवार को सन्नाटा दिखा। पुलिस बूथ पर पुलिसकर्मी को छोड़कर आसपास कोई नहीं दिखा। सबसे व्यस्ततम तिराहे पर पूर्ण रूप से बंदी रही।
विज्ञापन

सुबह 11 बजे: सन्नाटे की जद में हाईवे
सरकार की बंदी का असर हाईवे पर भी दिखा। लॉकडाउन की तरह न तो बड़े और न ही छोटे वाहन की आवाजाही रही, हालांकि जरूरी सामानों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए आधे या एक घंटे के अंतराल में ट्रक या चार पहिया आते-जाते रहे। जंगीगंज बाजार से लेकर धनतुलसी मोड़ की दुकानें बंद रही। इससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
दोपहर 12 बजे: महराजगंज बाजार
महाराजगंज हाईवे पर स्थित महाराजगंज बाजार जिले के पूर्वी-दक्षिणी छोर पर स्थित है। अमूमन बाजार में भीड़ रहती है, लेकिन रविवार को बाजार पूरी तरह शांत दिखा। दोपहर 12 बजे बाजार की सभी दुकानें बंद रही। व्यापारी से लेकर हर वर्ग के लोग घरों में कैद रहे। जिससे गुलजार रहने वाला यह बाजार पूरी तरह शांत दिखा।
दोपहर दो बजे: घरों में रहे व्यापारी
सुरियावां। नगर में दूसरे दिन भी अभूतपूर्व बंदी दिखी। मार्च-अप्रैल में प्रभावी लॉकडाउन की तरह ही लोग घरों में कैद रहे। व्यापारिक केंद्र होने के कारण नगर में दुपहिया से जाना मुश्किल होता है, लेकिन बंदी के कारण बाजार शांत रहा। बाजार के एके सिंह, राकेश और विनोद यादव ने कहा कि संक्रमण के रोकने के लिए सरकार का फैसला ठीक है। सभी को इसका पालन करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें