जिले के रेलवे स्टेशनों पर पेयजल संसाधनों की बदहाली का फायदा अवैध वेंडर उठा रहे हैं। जीआरपी के सामने अवैध वेंडर धड़ल्ले से ट्रेनों में लोकल पानी की बोतलें बेचते हैं। वहीं स्टेशन पर मौजूद वेंडर देखते ही रह जाते हैं।
जिले में ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन, भदोही, सुरियावां, ममहर और माधोसिंह रेलवे स्टेशन हैं। इसमें ज्ञानपुर रोड और भदोही रेलवे स्टेशनों पर सबसे अधिक पैसेंजर गाड़ियों का ठहराव होता है। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर हर दिन 14 पैसेंजर ट्रेनें रूकती हैं।
यहां सुबह से ही अवैध वेंडरों का जमावड़ा हो जाता है। रेलवे के नियमों के अनुसार स्टेशनों पर यात्रियों को रेल नीर बेचने का निर्देश है। रेलनीर अन्य पानी की बोतल से पांच रुपये सस्ता होता है। ट्रेन के रूकते ही अवैध वेंडर चढ़ जाते हैं। जीआरपीकर्मी भी उन्हें नहीं टोकते हैं। ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर दो वेंडरों ने दुकान खोली है।
दोनों हर माह 25-25 हजार रुपये रेलवे को किराया देते हैं। रेलवे स्टेशन पर दुकान लेने वाले पिंटू चौरसिया और सुरेश गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकान पर रेलनीर की बोतलें रखी रहती हैं। ट्रेन के आने के बाद अवैध वेंडर पहले ही ट्रेनों में चढ़कर लोगों को पानी बेचना शुरू कर देते हैं। वे मनमाने यात्रियों को 20 रुपये में पानी की बोतल बेचते हैं।