आईआईसीटी के रजत जयंती समारोह में नृत्य प्रस्तुत करती छात्राएं।
भदोही। नगर स्थित भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर शनिवार की रात सांस्कृतिक संध्या विहंगम-2025 में छात्र-छात्राओं ने अपने गीत, संगीत और नृत्य से समां बांध दिया। मुख्य अतिथि सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने कहा कि 25 वर्ष किसी भी संस्थान के लिए यह लंबा समय होता है। मुझे पूरा विश्वास है कि यहां पढ़ाई कर छात्र आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सांसद ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा हर व्यक्ति के लिए आवश्यक हो गई है। यह बात अभिभावक भी समझ चुके हैं।
केंद्र सरकार की ओर स्थापित यह संस्थान हमारे आसपास के छात्रों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने छात्रों की पत्रिका ताना-बाना का विमोचन किया और पत्रिका की सराहना की। डीएम-एसपी ने कहा कि आईआईसीटी जिले का गौरव है। यहां बीटेक कोर्स, कार्पेट डिजाइनिंग, डाइंग आदि में शॉर्ट टर्म कोर्स के माध्यम से क्षेत्र के लोग प्रशिक्षित होकर कालीन उत्पादन की विधाओं में पारंगत हो रहे हैं। निदेशक डॉ. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि संस्थान ने कालीन उद्योग की सेवा करते सफलतापूर्वक 25 वर्ष पूरे किए हैं। बताया आईआईसीटी का शुभारंभ वर्ष 2000 में हुआ था। इसके एक वर्ष बाद यहां चार वर्षीय बीटेक कोर्स की शुरुआत हुई। बताया कि संस्थान वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में एशिया में अकेला है। कहा हम आने वाले दिनो में उद्योग के लिए अपनी सेवाओं का विस्तार करेंगे। आईआईसीटी के डीन डॉ. आरके मलिक ने संस्थान के शुभारंभ से लेकर अब तक के सफर पर प्रकाश डाला। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद, डीएम शैलेश कुमार, एसपी अभिमन्यु मांगलिक, कालीन निर्यातक यादवेंद्र कुमार राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में डॉ. एसके पाल, एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल, राजीव गुप्ता, डॉ. बेट्टीदास गुप्ता, अनु मिश्र आदि रहे।