भदोही। भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में शनिवार को वर्चुअल पुरातन छात्र समागम का आयोजन किया गया। समागम में विगत 16 वर्षों में अध्ययन करने वाले पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि काका ओवरसीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यादवेंद्र कुमार राय ने कहा कि आईआईसीटी ने टेक्सटाइल के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए द्वार खोले हैं। यहां संचालित कोर्स न केवल पूरी दुनिया में मान्य है बल्कि लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
मुख्य अतिथि ने कहा कि हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय द्वारा संचालित आईआईसीटी ने उस प्रतिस्पर्धा में अपने को बनाए रखा है। कहा कि संस्थान के सौंदर्यीकरण, क्रीड़ास्थल के विकास तथा 25केवी सौर ऊर्जा संयंत्र के खर्च वहन करने की घोषणा की। उन्होंने पूर्व छात्रों से आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा भदोही से अपना नाता जोड़े रखने का आह्वान किया।
निदेशक डा.आलोक कुमार ने बताया कि संस्थान में पढ़कर छात्र मिडिल ईस्ट के अलावा अन्य देशों सहित भारत के महानगरों में परचम लहराए हुए हैं। संस्थान के डीन डा.आरके मलिक ने पुरातन छात्र समागम को किसी संस्थान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इनके लगातार आयोजन पर जोर दिया। बताया कि समागम में लगभग 80 पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। जिनमें मुख्य रूप से आलोक कुमार पांडेय, निशांत वर्मा, अमरीन फातिमा, नवीन कुमार सिंह, अक्षय पांडेय, प्रगति दूबे, अंकित भगत, सुशील पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। संयोजन बीडी गुप्ता, श्रवण कुमार गुप्ता व डा.हिमांशु महापात्रा ने किया। संचालन अणु मिश्रा और श्वेतांक शेखर तथा बीसी रे ने आभार व्यक्त किया।