ज्ञानपुर। खाद्य पदार्थ में मिलावट करने वाले मिलावटखोरों की पहचान अब उजागर की जाएगी। मिलावट की पुष्टि होने पर उनकी फोटो चौराहों पर चस्पा की जाएगी। इससे ग्राहक ऐसे मिलावटखोरों से सावधान हो जाएंगे और उन लोगों की बदनामी भी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद खाद्य औषधी एवं प्रशासन विभाग इसको अमली जामा पहनाने की कवायद में जुट गया है। पिछले छह महीने में 200 सैंपल की जांच में 82 में मिलावट की पुष्टि हुई। एडीएम कोर्ट ने मिलावटखोरों पर नौ लाख 58 हजार का जुर्माना लगाया है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए साफ-सुथरा खाद्य पदार्थ जरूरी है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति कम होने पर दूध, पनीर, मिठाई से लेकर किराना के सामानों में मिलावट की जाती है। इस पर रोकथाम के लिए जिला खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर सैंपल लेती है। तमाम दुकानदार ऐसे हैं जो थोड़ा सा अधिक लाभ हासिल करने के लिए चाहे दुग्ध निर्मित उत्पाद हो या फिर ब्रांडेड सामान। उसमें सस्ती चीजों की मिलावट कर देते हैं। इससे एक ओर जहां ग्राहकों की जेब पर मार पड़ती है तो उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ होता है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बैठक में ऐसे मिलावटखोरों की फोटो चौराहों पर लगाने के निर्देश दिए थे। शासन का निर्देश मिलने पर खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिले में खाद्य विभाग ने बीते छह महीने में 200 सैंपल लिए। जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया। जांच के बाद 82 खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हुई। वहीं, एडीएम कोर्ट से मिलावटखोरों पर नौ लाख 58 हजार का जुर्माना लगाया गया।
त्योहारों समेत अन्य मौकों पर चलाया जाता है अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य शशि शेखर ने बताया गया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने को लेकर दीपावली, होली से लेकर अन्य पर्व त्योहारों के साथ समय समय पर अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच की गई थी। इस दौरान दूध निर्मित खोवा, छेना से लेकर मिठाइयों के साथ तेल, मसाला व अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए लैब में भेजा गया। खाद्य पदार्थों के 82 नमूने अधोमानक पाए गए थे। मिलावट मिलने के बाद दाखिल मुकदमें में प्रभावी पैरवी कराई गई। जिस पर न्याय निर्णयन अधिकारी की ओर से नौ लाख 58 हजार रुपये जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई। अब ऐसे मिलावटखोरों की फोटो चौराहे पर लगाई जाएगी।