गड्ढामुक्ति, मरम्मत और नवीनीकरण आदि कार्य कराकर क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की जाती है, लेकिन कालीन नगरी की 11 सड़कें ऐसी हैं, जिनको बनाने के लिए कई महीने से बजट का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तरफ से इन सड़कों की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तो बहुत पहले प्रस्तावित कर दी गई थी, अब रिमाइंडर भी भेज दिया गया है।
जिले की करीब दो दर्जन सड़कों की मरम्मत, नवीनीकरण आदि के लिए ग्रामीण अभियंत्र विभाग को जिम्मेदारी दी गई थी। उसमें से 12 सड़कों के निर्माण के लिए वर्ष 2021 में स्वीकृति दी गई। स्वीकृत सड़कों के लिए धनराशि भी जारी हो गई थी और काम भी शुरू हो गया है। अब जुलाई तक काम भी पूरा हो जाने की उम्मीद है। अन्य 11 सड़कों के निर्माण के लिए विभाग अब भी बजट मिलने का इंतजार कर रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की दशा सुधारने के लिए बजट जरूरी है। कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है और रिमाइंडर भी भेज दिया गया है, लेकिन अब तक धनराशि जारी की गई है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता अख्तर अंसारी का कहना है कि बजट मिलने पर 11 सड़कों के निर्माण का काम कराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उधर, इन क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था बजट प्राप्त होने का इंतजार कर रही है। इनमें गोपीगंज-ज्ञानपुर मुख्य मार्ग से गरीब क तारा-बैदाखास, सुरियावां-छतरीपुर, जगन्नाथपुर-मलेपुर, कुरमैचा-विश्वनाथपुर, दुर्गागंज-सनकडीह, चौगुना-पट्टीबेजाव, भदोही-उमरिया, नईबाजार-रामापुर, कीर्तिपुर-भीकमापुर, कलिंजरा रोड से मानशाहपुर, लालानगर-श्रीपुर तक की सड़कों के निर्माण कार्य किए जाने हैं। डीघ ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर बहादुर ने लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर रामपुर रोड से सटे गुलौरी उपरवार गंगा घाट तक करीब तीन किलोमीटर सड़क की मरम्मत की मांग की है। उन्होंने कहा कि गड्ढायुक्त सड़क से आवागमन करने में लोगों को काफी दिक्कत होती है। करीब दो दशक पहले यह सड़क बनायी गई थी। अब गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। प्रतिदिन इसी मार्ग से सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है। पत्र भेजने वालों में प्रेमशंकर, शिवनारायण, राजनारायण, शिव आसरे आदि शामिल हैं।