जिले में 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र की तैयारी तेजी से चल रही है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जगह-जगह पूजा पंडाल स्थापित कर आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना की जाएगी। पिछले साल जिले में करीब 950 छोटे-बड़े पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे। अभी तक प्रशासन की तरफ से केवल 50 पंडालों को अनुमति मिली है। हालांकि अनुमति मिलने की प्रकिया चल रही है। इस बार भी 950 जगहों पर मां की प्रतिमाएं स्थापित होने की उम्मीद है। गोपीगंज में 75 लाख रुपये की लागत से 100 फीट ऊंचा पंडाल तैयार किया जा रहा है।
नवरात्र में नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु गांव से लेकर शहर तक मां की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। पंडालों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। कारीगर दिन-रात इसमें जुटे हैं। लोहा, लकड़ी, कपड़े, थर्माकोल की मदद से पंडाल बनाए जा रहे हैं। गोपीगंज में 36 साल पुराने दुर्गा पूजा आयोजन की तैयारियां खास हैं। मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति इस साल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर पंडाल बना रही है। करीब 75 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल की ऊंचाई और लंबाई 110 फीट है, जबकि चौड़ाई 80 फीट है। पश्चिम बंगाल के 30 कारीगर प्रशांत दादा की देखरेख में एक महीने से इसे बनाने में लगे हैं। भदोही, औराई, गोपीगंज, सुरियावां, सुजातपुर,कौलापुर, अभोली, चौरी, महराजगंज आदि सहित 950 स्थानों पर पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। प्रशासन की तरफ से 50 को अनुमति मिल गई है। बाकी पंडाल के सत्यापन के बाद अनुमति मिलेगी।
अनुमति के नियम :
जिला अग्निशमन अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि बड़े पंडालों में अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है, जहां सैकड़ों की संख्या में भीड़ होती है। पंडाल बनाने में फायर रिटार्डेट सूती कपड़ों का ही उपयोग करना चाहिए, सिंथेटिक कपड़े या रस्सी का प्रयोग करने से बचें। कहा किपंडाल के अंदर या पास हैलोजन लैंप, मोमबत्ती, दीया या खुला हवन कुंड न बनाएं। मुख्य पंडाल से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर रसोई बनाएं। विद्युत सुरक्षा, वायरिंग और पंडाल तक पहुंचने के लिए रास्ता होने चाहिए।
पंडालों में मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति मिल रही है। पुलिस टीम मौके पर जाकर सत्यापन के बाद अनुमति देती है। अनुमति की प्रक्रिया 10 अक्तूबर तक चलेगी। पंडालों में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। - शुभम अग्रवाल, एएसपी भदोही।