भदोही में डीएम ने कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को खरी-खोटी सुनाई। निर्माण धीमा होने पर प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस भेजा और 30 सितंबर तक काम पूर्ण कराने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद कार्य न होना गंभीर विषय है।
भईया-बाबू कह रहा हूं। 15 दिन बाद फिर आऊंगा। काम की प्रगति सही नहीं मिली तो यहीं से जेल भेजूंगा। जिलाधिकारी विशाल सिंह शनिवार को सुबह 11 बजे सरपतहां में निर्माणाधीन 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे तो उनके तेवर सख्त नजर आए। निर्माण की खराब प्रगति होने पर डीएम नाराज हो गए।
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पिछले निरीक्षण और आज के निरीक्षण की प्रगति कार्य अत्यंत ही धीमी गति से होता हुआ है। मैनपावर की संख्या अत्यंत ही कम है। इससे कार्य समय से पूरा हो पाना संभव नहीं है।
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जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट मैनेजर राममनोहर त्रिपाठी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्लास्टर, रिपेयरिंग, खिड़की, टाईल्स, ग्रील, प्लम्बर, विद्युतीकरण के कार्य में कितने मैनपावर से कार्य करा रहे है। प्रतिदिन की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
अगले 15 दिवस के अंदर मैं पुनः निरीक्षण करूंगा। यदि कार्य में प्रगति नही मिली तो संबंधित फर्म के खिलाफ ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई की जाएगी साथ ही ठेकेदार को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने हर हाल में 30 सितंबर तक कार्य पूर्ण कर हैंडओवर करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को कैंपस में झाड़ियों की कटाई के साथ साफ-सफाई के कार्य को कराने की हिदायत दी। इस मौके पर सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी मौजूद रहे।
न्यायालय आपके द्वार के तहत जिला मजिस्ट्रेट विशाल सिंह शनिवार को चकसुंदर गांव पहुंचे। जहां राधेश्याम मिश्रा, प्रमोद मिश्रा समेत अन्य लोगों के बीच सालों से चल रहे रास्ते के विवाद को खत्म कराया। डीएम ने दोनों पक्षों से लिखित सुलह-समझौता कराया। पिच रोड से शिव मंदिर तक इंटरलॉकिंग कार्य को शुरू कराया। उन्होंने कहा कि गांव के विकास से सभी का विकास होगा।