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हुसैन की सदाओं के बीच ठंडा किए गए ताजिए

Sun, 25 Oct 2015 01:53 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
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 इसके बाद प्रशासनिक अफसरों ने राहत की सांस ली। तकिया कल्लन शाह मस्जिद के पास आकर जुटे नगर के 85 ताजिए समय से कर्बला की ओर रवाना हो गए थे।
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 लोगों ने सच्चे मन से पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्ल. के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों को खिराजे अकीदत पेश की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।

सुबह 10 बजे अलग अलग मोहल्लों में ताजिए इमाम चौकों से उठा दिए गए थे। अधिकतर ताजिए दोपहर तक तकिया कल्लन शाह पर पहुंच गए थे, जिन्हें 3 बजे जुलूस की शक्ल देकर रवाना कर दिया गया।
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या हसन, या हुसैन की सदाए देते, नारा-ए-तक्बीर लगाते अकीदतमंद रास्ते में थोड़ी थोड़ी दूर पर अखाड़ों में लकड़ी कला का प्रदर्शन करते चल रहे थे।
 सभी ताजियों के साथ भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। लिप्पन तिराहा, अहमदगंज, चौरी रोड, मलिकाना, पचभैय्या, जमुंद, बौलिया, अंबर नीम, कटरा बाजार होते हुए ताजिए रात 9 बजे कर्बला पहुंचे और दफन होने का क्रम शुरू हुआ। इंडियन इस्लामी कमेटी द्वारा तकिया कल्लन शाह पर शिविर लगाया गया था।
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नगर पालिका द्वारा परंपरागत रूप से जुलूस के रास्ते में प्रकाश व्यापक व्यवस्था कराई गई थी। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों की सेवा करने वाले भी कम नहीं थे। कटरा बाजार, जमुंद, अंबर नीम, पचभैया में लोगों ने अपने अपने दरवाजे पर लोगों की खूब खिदमत की। जुलूस में कई मोहल्लों के अखाड़े भी शामिल थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही पुलिस बल विभिन्न चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात थी। डीएम प्रकाश बिंदु और एसपी अनिल कुमार राय के अलावा एएसपी लल्लन प्रसाद यादव ने भी जुलूस के दौरान व्यवस्था का जायजा लिया।
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