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पंद्रह दिन में कैसे बंटेगा छह करोड़ मुआवजा

Fri, 17 Mar 2017 01:20 AM IST
bhadohi hindi news
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अतिवृष्टि के मुआवजे से वंचित सैकड़ों किसानों की आंखें इंतजार करते-करते थक गईं हैं। कच्छप गति से मुआवजे का वितरण होने से करीब दो माह में मात्र एक करोड़ ही वितरित हो सका है, जबकि 30 मार्च तक वितरण न हुआ तो छह करोड़ बचा मुआवजा सरेंडर करना पड़ेगा। ऐसे में 15 दिन के अंदर छह करोड़ मुआवजे का वितरण करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।       
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दो साल पूर्व अतिवृष्टि होने से गेहूं की फसल चौपट हो गई थी। शासन की ओर से दो चरणों में मुआवजे का वितरण किया गया, लेकिन बड़ी संख्या में किसान राहत राशि से वंचित रह गए थे। प्रशासन की मांग पर ढाई माह पूर्व शासन ने करीब सात करोड़ रुपये मुआवजा वितरित करने के लिए भेजा। दो माह से अधिक समय गुजरने के बाद तीनों तहसीलों में मात्र एक करोड़ मुआवजा वितरित हो सका है। तीनों तहसीलों में ज्ञानपुर के सिंहपुर, चकलोका, सारीपुर, उमरपुर, चमकनीरायपुर, संसारापुर समेत 50 से अधिक गांव के सैकड़ों किसान पासबुक लेकर बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनके खाते में अब तक मुआवजे की रकम नहीं पहुंची। संसारापुर की चुन्नारी देवी, लक्ष्मीशंकर यादव, सिंहपुर के मनोज पांडेय, चकमनीरायपुर के राजकुमार राय ने कहा कि लेखपालों की मनमानी से उन्हें मुआवजे की रकम नहीं मिल सकी। लेखपाल मुआवजे के लिए कमीशन की मांग कर रहे हैं, जो किसान उनकी बात मान रहे हैं, उन्हें मुआवजा मिल रहा है अन्य को झेलना पड़ रहा है। 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाएगा। अगर मुआवजे की रकम किसानों को नहीं मिला तो वह लैप्स हो जाएगा। प्रशासन की उदासीनता को लेकर किसानों में नाराजगी है।       
अपर जिलाधिकारी हरिलाल यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव के चलते मुआवजे के वितरण में देरी हुई। चुनाव के दौरान भी बड़ी संख्या में किसानों को मुआवजा वितरित किया गया। सात करोड़ में करीब तीन करोड़ वितरित हो चुका है। 15 दिन के अंदर चार करोड़ मुआवजा किसानों को दे दिया जाएगा। पूर्व में चेक से मुआवजा दिया था, जबकि अब आरटीजीएस से सीधे किसान के खाते में भेजा जा रहा है। खाता संख्या में जरा चूक होने से पैसा नहीं जा रहा है।      
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