जिले में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। सूरज के तेवर से हवाएं भी गर्म हो गई हैं। तपिश से जिंदगी पसीना-पसीना हो गई है।
सुबह 10 से शाम चार बजे तक गर्म हवाओं के थपेड़ों से राहगीर बेहाल हो जा रहे हैं। जिले में 21 मई को छोड़कर 18 मई से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है।
पांच साल बाद जिले में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है। दोपहर में सड़कें तवे की तरह तप रही है। वहीं माैसम विभाग ने 24 मई तक रेड अलर्ट जारी किया है। पारा चढ़ते ही खूब ट्रिपिंग हो रही है।
दोपहर में बस, रेलवे स्टेशन, टेंपो स्टैंड पर सन्नाटा पसर जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के प्रभारी डॉ. अजीत यादव ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
जबकि न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। बताया कि जिले में 18 मई से तापमान 44 के पार है। ऐसा पांच साल बाद हुआ है। गर्म हवाएं 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। गर्मी से इंसान ही नहीं बल्कि पशु पक्षी भी बेहाल है। गांवों में अधिकतर तालाब सूखे गए हैं। तेज बुखार आना, कमजोरी लू के लक्षण हैं।