एटा में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत के बाद रविवार को यहां जिले में अलर्ट घोषित कर दिया गया। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने जगह-जगह छापेमारी कर चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान शराब का अवैध कारोबार के संभावित ठिकानों की तलाशी ली गई। दूसरी ओर पुलिस कप्तान ने संबंधित थानों को भी चेतावनी जारी कर दी।
जिले में दबे पांव दायरा बढ़ा रहे शराब के अवैध कारोबार पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। एटा की घटना को लेकर प्रदेश भर में जारी अलर्ट के बाद हरकत में आई जिले की पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान औराई, चौरी और दुर्गागंज थानाक्षेत्रों के अलावा सीमा से लगे इलाकों पर खास नजर रखी गई। इन क्षेत्रों में पुलिस ने ग्रामीण अंचलों की भी खाक छानी। पुलिस के मुताबिक सीमा के सुनसान इलाकों में इस कारोबार को अंजाम देने वाले लोग पुलिस की भनक पाते ही पड़ोसी जिलों में प्रवेश कर जाते हैं। अवैध शराब के कारोबार की नकेल कसने के लिए एसपी ने थानेदारों को चेतावनी जारी की है कि किसी के भी क्षेत्र में अगर शराब का अवैध कारोबार सामने आया तो थाना प्रभारी के अलावा सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पुलिस कप्तान डॉ. अरविंद भूषण पांडेय ने कहा कि सभी थाने, चौकियों की पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। सघन चेकिंग अभियान चलाकर शराब के अवैध कारोबार को बंद कराना है। हालांकि यह अभियान 15 जुलाई से चलाने का निर्देश दिया गया है, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद इसे तेज कर दिया गया है।