जिले के परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बनाने वाले 2800 रसोइयों को बढ़ा हुआ मानदेय मिला है। अब उनके बैंक खातों में दो हजार रुपये के बजाय तीन हजार रुपये भेजे गए हैं। इसके अलावा साड़ी और शर्ट के लिए भी 500-500 रुपये जारी किए गए हैं। इससे रसोइयों को आर्थिक राहत मिलेगी। जिले के 885 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में करीब 1.33 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में रसोइयों की तैनाती की गई है। वे प्रतिदिन निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करते हैं।
पहले रसोइयों को एक हजार रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बाद में बढ़ाकर दो हजार रुपये किया गया। कम मानदेय के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानदेय दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने की घोषणा की थी। इसके बाद सितंबर माह से बढ़ी हुई राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई। जिला समन्वयक एमडीएम सौरभ सिंह ने बताया कि जिले के 2800 रसोइयों के खातों में तीन-तीन हजार रुपये भेजे गए हैं।