ज्ञानपुर। जिले की ग्राम पंचायतों में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। संदिग्ध गतिविधियों एवं अपराध पर अंकुश लगाने के मकसद से लगाए गए कैमरे लगभग 200 गांवों में शोपीस बन गए हैं। रिचार्ज न होने के कारण कैमरे खंभे या अन्य स्थानों पर बंद पड़े हैं। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में से करीब 350 में कैमरे लगाए गए हैं।
पंचायती राज विभाग की ओर से एक साल पूर्व 350 गांवों में कैमरे लगाए गए थे। इस कार्य में 25 से 30 लाख रुपये खर्च किए गए थे। शुरू में कैमरे ठीकठाक रहे लेकिन बाद में ग्राम पंचायतों के ध्यान न देने से तीन से छह महीने में कैमरों का रिचार्ज खत्म हो गया और वे बंद हो गए। सुरियावां के पट्टीबेजांव, महजूदा, बिहियापुर, अर्जुनपुर, अभोली ब्लॉक के अभोली, भदोही के संवरपुर, रोटहां, चौरी, दलापुर ज्ञानपुर के मिल्की, देवाजीतपुर, डीघ ब्लॉक के डीघ, इनारगांव समेत लगभग 200 गांवों में कैमरे बंद हो चुके हैं। इससे मुख्य तिराहे, चौराहे एवं सार्वजनिक स्थलों के आसपास लगे कैमरे सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। इसका फायदा न तो पुलिस को मिल रहा है ना ही ग्रामीणों को। इससे आपराधिक मामलों की जांच में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पाता।
ग्राम पंचायतों में सुरक्षा की दृष्टि से लगे कैमरों से पुलिस को जांच में काफी सहयोग मिलता है। चोरी के साथ अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल अपराधियों की पहचान करने में भी आसानी होती है। भदोही में करीब एक साल पूर्व प्रधानाचार्य हत्याकांड में भी पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से कई अहम सुराग मिले थे। इससे पुलिस आरोपियों को गिरफ्त में ले पाई। कई अन्य आपराधिक घटनाओं में भी पुलिस को सीसीटीवी से सहयोग मिला।