जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हिमटेक्स्टिल-2026 का समापन हो गया है। इसमें हिस्सा लेने वाले कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन कैप्टन मुकेश गोंबर ने कहा कि हिमटेक्स्टिल जैसे बड़े टेक्सटाईल प्लेटफाॅर्म पर भारत ने कालीन और गलीचों के सेगमेंट में शानदार उपलब्धि अर्जित की है। दुनियां भर के आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
चेयरमैन ने बताया कि हिमटेक्सटिल-2026 में सीईपीसी के 50 सदस्य निर्यातकों ने सहभागिता की थी। हिमटेक्स्टिल आयोजन समिति से मिले सहयोग के चलते हम हमारे निर्यातकों ने डोमोटेक्स जैसे प्लेटफाॅर्म के बजाए हिमटेक्स्टिल को वरीयता दी। चेयरमैन ने बताया कि मेले के दौरान दुनिया भर से आगंतुकों की उत्साहजनक उपस्थिति रही। जिनसे हमारे निर्यातकों को अच्छी इनक्वायरी (पूछताछ) मिली है। विभिन्न देशों के खरीदारों ने हमारे पवेलियन में काफी समय दिया। हमारे हस्तनिर्मित कालीनों के बारे में जानकारी हासिल की।
चेयरमैन ने बताया कि एक्सपो समापन के बाद भारत के फ्रैंकफर्ट में महावाणिज्य दूतावास में व्यापार संवाद सत्र का आयोजन किया गया जिसमे भारतीय निर्यातकों और जर्मन आयातकों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ। कार्यक्रम में दोनो पक्षों में आपस में सहयोग और व्यवसाय को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। संवाद