ज्ञानपुर/औराई। चौरीचौरा-गोरखपुर से राजघाट-नईदिल्ली तक निकली नागरिक सत्याग्रह पदयात्रा का बुधवार को जिले में जगह-जगह स्वागत किया गया। स्वागत के बाद कांग्रेसजनों ने पदयात्रा में शामिल होकर लक्ष्य तक पहुंचने का समर्थन देकर शामिल होने में कसर नहीं छोड़ी। यात्रा में चल रहे लोगों ने बड़ी कामयाबी बताकर आने वाले दिनों में बदलाव का भी संकेत दिया और गरीबों, असहायों की लड़ाई के लिए जरूरी बताया।
यात्रा का शुभारंभ दो फरवरी को चौरीचौरा-गोरखपुर से हुआ, जो 26 फरवरी को जनपद की पूर्वी सीमा बाबूसराय में प्रवेश की। पूर्व निर्धारित स्वागत समारोह में शामिल होने के लिए पार्टीजन बाबूसराय, महाराजगंज, औराई, लालानगर, गोपीगंज नगर, जंगीगंज, वहिदानगर, कलिंजरा मोड़ पश्चिमी सीमा ऊंज पर यात्रा में शामिल लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत हुआ। पूर्वी सीमा पर युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष वसीम अंसारी, जिलाध्यक्ष नाजिम अली, पं. दीनानाथ दुबे ने कहा कि सत्याग्रहियों की मेहनत विफल नहीं होगी। यात्रा नौजवानों की टोली नहीं है, बल्कि इसमें कोई जेपी है तो कोई पटनायक, विनोबा भावे, गांधी है बिना किसी महत्वाकांक्षा के देश में अमन-चैन के लिए इन सत्याग्रहियों का पद यात्रा करना ही इनके लक्ष्य को दर्शाता है। इसी तरह गोपीगंज में राजेंद्र कुमार दुबे राजन, विकास सिंह, दीपक, राजगुरु, सुरेशचंद मिश्रा, राकेश मौर्या, उपकेंद्र भारती ने स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से आज गांधी के विचारों, आंबेडकर के संविधान की हत्या की जा रही है निश्चित रूप से लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह यात्रा इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इसी तरह कांग्रेस जिलाध्यक्ष देव नारायण यादव ने भी अपने समर्थकों के साथ यात्रा का स्वागत किया।
राष्ट्रपिता का सपना हो रहा साकार
गोपीगंज। नागरिक सत्याग्रह पदयात्रा में शामिल बीएचयू के छात्र विकास सिंह ने गोपीगंज में पत्रकारों से कहा कि 98 वर्ष से अधूरे पड़े राष्ट्रपिता के सपने को साकार किया जा रहा है। गांधी जी अंग्रेजों के खिलाफ सत्याग्रह शुरू किया और वापस लेने पर चौरीचौरा में गुस्साई भीड़ ने 23 सिपाहियों को थाने में जिंदा जला दिया था। जबकि गांधी के आंदोलन में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं थी गांधी की अगुवाई में हमने अपने भीतर के प्रेम, सत्य, और अहिंसा के दम पर अंग्रेजों को हराया गांधी की लड़ाई अंग्रेजों के खिलाफ नहीं झूठ, डर, हिंसा के खिलाफ थी। हम दूसरों के दुख से दुखी होने वाले लोग हैं, भाईचारे का नारा बुलंद कर यात्रा के मकसद पूरा किया जाय। इस मौके पर प्रभात कुमार चतुर्वेदी, अक्षय यादव, निखिल पाठक, अतुल यादव, राम अभिषेक, माबूद खां, अर्चना चौबे आदि रहे।