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लॉकडाउन में वाहनों के न चलने से ऑटोमोबाइल कारोबार को भारी नुकसान

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ज्ञानपुर/लालानगर। कोरोना वायरस के कारण ऑटोमोबाइल कारोबार को भी बड़ा नुकसान हुआ है। ऑटो पार्ट्स व्यापारियों को 150 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। लॉकडाउन के दौरान न तो सड़कों पर वाहन चले ना ही दुकानें खुलीं। इससे कारोबारियों का व्यापार शून्य रहा।
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कोरोना वायरस के कारण देश में दो माह से अधिक समय से लॉकडाउन चल रहा है। अप्रैल से जून तक कि शादी के सीजन में दुपहिया की मांग बढ़ जाती है। इसको देखते हुए कारोबारियों ने एजेंसी पर विभिन्न वेरायटी के दुपहिया वाहन मंगा कर रख लिए थे। इसी तरह ऑटो पार्ट्स के कारोबारियों ने भी पूंजी निवेश किया था। लेकिन, शुरुआत में ही लॉकडाउन से एक माह दुकानें पूरी तरह बंद हो गईं। इससे काफी संख्या में बाइक एजेंसियों में ही पड़ी रह गईं। व्यापारियों की मानें तो 140 से 150 करोड़ का नुकसान हुआ है। तीसरे और चौथे चरण के लॉकडाउन में राहत मिली, लेकिन ग्राहक ही नहीं दिख रहे।
- लॉकडाउन के शुरुआती दौर में व्यापार पूरी तरह से ठप रहा। उसके बाद मिली सहूलियत में व्यापार तो खुलने लगा, लेकिन पांच प्रतिशत से ज्यादा का व्यापार नहीं हो पा रहा है। कारोबारी पसोपेश में पड़ गए हैं।-आलोक रावत, ऑटो पार्ट्स विक्रेता
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- ऑटो पार्ट्स विक्रेता टूट चुके हैं। व्यापार पांच से 10 प्रतिशत पर आकर सिमट गया है। जिले में लगभग ऑटो पार्ट्स के तीन से चार हजार दो पहिया और चार पहिया के प्रतिष्ठान हैं। जिले में करोड़ों का नुकसान हुआ है।-सूरज दुआ, ऑटोमोबाइल कारोबारी
- प्रथम लॉकडाउन में पूरी तरह से वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया था। दुकानें भी नहीं खुल रहीं थीं। छूट मिलने के बाद कुछ वाहनों का आवागमन तो शुरू हुआ लेकिन व्यापार पांच फीसदी से ज्यादा नहीं उठ सका।-बीडी यादव, ऑटो पार्ट्स विक्रेता
- लॉकडाउन में ऑटो पार्ट्स का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गिनती के सामान ही बिके। शीघ्र ही मार्ग पर चार पहिया और बड़े वाहन अगर नहीं चलेंगे तो ऑटो पार्ट्स व्यापारियों की बुरी स्थिति हो सकती है।-मनोज अग्निहोत्री, ऑटो पार्ट्स विक्रेता
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