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गर्मी बढ़ी, घरों से निकलना हुआ मुश्किल

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भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए ज्ञानपुर नगर में चेहार ढंककर जाती युवतियां। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं पुरुआ हवाएं आसमान से बरसती आग की लपट को कम नहीं कर पाईं। जेठ की प्रचंड गर्मी में चिलचिलाती धूप से तवा बनी धरती पर जनजीवन मानो उबल गया। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्शियस को पार कर गया। जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया।
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चढ़ते पारे के बीच धरती गर्म होकर तपने लगी। प्रचंड धूप में लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। जरूरी कार्य को लेकर बाहर निकलने वाले लोगों का कहना था कि गर्म हवाएं लपट की माफिक शरीर को झुलसा रहीं हैं। पुरुआ हवाओं के चलते चहारदीवारी के अंदर भी उमस से लोग पसीने-पसीने रहे। जेठ की उमस के आगे कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे थे। दोपहर में सड़कें गर्मी के कारण पूरी तरह सूनी हो गईं। वाराणसी-प्रयागराज, मिर्जापुर-जौनपुर राजमार्ग पर भी यातायात का दबाव बेहद कम दिखा। मौसम के जानकार गर्मी के इस मिजाज को परंपरागत मानते हैं। केवीके बेजवां के वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी कहते हैं कि ऐसे मौसम में सब्जी की खेती पर खास ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। सब्जियों की थोड़े-थोड़े अंतराल पर सिंचाई करते रहना चाहिए। वरना सब्जियों के सूखने का खतरा बढ़ जाता है।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
ज्ञानपुर। गर्मी सवाब पर है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। शरीर में पानी की कमी हीट स्ट्रोक के खतरे को आमंत्रण दे सकती है। इसलिए ताजा और स्वच्छ जल का उपयोग करते रहना चाहिए। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल श्रीवास्तव के मुताबिक इस मौसम में बच्चों का खास ध्यान दें। धूप में बाहर नहीं निकलना चाहिए। निकलना ही पड़े तो शरीर का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा कपड़े से ढंका रहना चाहिए। गर्मी में कॉटन के आरामदेह कपड़ों का उपयोग करना चाहिए। खाना ताजा और घर का बना लें तो ज्यादा अच्छा है।
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