समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए जिलाधिकारी से मांग की।
सुनील उपाध्याय ने कहा कि नगर में एक सप्ताह तक डोर-टू-डोर जनसंपर्क करने पर आठ सूत्री समस्याएं सामने आईं, जिनको लेकर नगर और जिला प्रशासन की उदासीनता उजागर हुई।
बताया कि नगर में जमीन पर मनमानी ढंग से अपात्रों को पट्टा दिया गया है। वार्डो में गंदे पानी जमा होने से संक्रामक रोग का खतरा है।
हाल में बनीं नगर की कई सड़कें ध्वस्त हो चुकी हैं। विद्युत पोल लगे हैं, लेकिन मोहल्लों में तार न खींचे जाने से अंधेरा रहता है। तालाबों का सुंदरीकरण न कराने से अतिक्रमण हो गया है। इस मौके पर विनोद दुबे, रामआसरे, सर्वेश कुमार, अरविंद मिश्रा, राजकुमार, सुरेश, छविनाथ, राकेश, सुचिंद्र, दीनानाथ, बनारसी, आशाराम, सुनील, पप्पू, राजेश, शिवधारी, रामजी, विजय श्रीवास्तव आदि रहे।