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मुखियाविहीन ग्रामीण अभियंत्रण दफ्तर,कार्य ठप

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ज्ञानपुर। विकास भवन स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के दफ्तर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शिकायत पर शासन की सख्ती ने विभागीय मुखिया समेत तीन जिम्मेदार कर्मचारी लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। इसके कारण विभाग अंतर्गत सांसद, विधायक के प्रस्ताव पर होने वाले कार्यों पर असर पड़ा है तो पूर्व में हो चुके कार्यों के भुगतान को लेकर कार्यदायी संस्थाओं के संचालक दफ्तर का चक्कर लगा रहे हैं।
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27 अगस्त को मंडलीय अभियंता विकास भवन स्थित दफ्तर में समीक्षा बैठक लेने आए थे। उसी समय कर्मचारियों ने विभागीय मुखिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस बात को लेकर दो गुटाें में बंटे कर्मचारियों में मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी और मंडलीय अभियंता समीक्षा बैठक रोककर मिर्जापुर लौट गए थे। एक गुट ने 10 पन्ने का शिकायती पत्र हाईकमान को भेजकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। दूसरे गुट ने आरोप को बेबुनियाद बताया था। हाईकमान तक शिकायत दर्ज होने पर जीएसटी नंबर दो बार एलाट कराने, स्टोर कीपर से सिविल जेई स्तर का कार्य लेने, स्टोर कीपर के अभिलेखीय जांच समेत आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश मिला था। निर्देशों का पालन न कर मुखिया समेत तीन जिम्मेदार मेडिकल छुट्टी पर चले गए। छुट्टी से न लौटने वालों में एक अधिशासी अभियंता, दूसरे अवर अभियंता तो तीसरे डिपाजिट फाइल लिपिक हैं। जबकि इन्हीं मामलों में अधिशासी अभियंता से चंदौली जिले का प्रभार भी मंडलीय अभियंता ने हटा दिया है। मंडलीय अभियंता हरेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मेडिकल छुट्टी लेने वालों को कार्य पर लौटने का निर्देश दिया गया है। स्टोर कीपर से जेई सिविल कार्य लेने की जांच जारी है। कार्यदायी संस्थाओं के भुगतान, विभागीय कार्य न रुके, इस पर मंडल स्तर से मॉनिटरिंग की जा रही है।
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