ज्ञानपुर। बेेमौसम बारिश से किसानों की मुश्किल कम नहीं हो रही है। जिले में मंगलवार को दोपहर करीब दो बजे आधे घंटे की बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के होश उड़ा दिए। कुछ हिस्सों में ओला गिरने से सरसो और चने की फसल को काफी नुकसान हुआ। ग्रामीण सड़कें कीचड़युक्त होने से आवागमन भी मुश्किल हो गया।
सितंबर में बेमौसम बारिश की मार से परेशान किसानों को फरवरी में भी राहत नहीं मिल रही है। महाशिवरात्रि के दिन से बिगड़ा मौसम मंगलवार तक रूक-रूककर किसानों की धड़कने बढ़ा रहा है। दोपहर दो बजे के बाद अचानक आधे घंटे की बारिश संग गोपीगंज, जंगीगंज, दुर्गागंज, अभोली, अईनछ, सुभाषनगर, ऊंज क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। अभोली क्षेत्र में ओला बड़ा रहा जबकि गोपीगंज में छोटे ओले पड़े। बारिश संग तेज हवा चलने से सिंचाई की गई गेहूं की फसल जहां धराशायी हो गई वहीं पिछैती सरसो और चने की फसल में लगे फूल भी झड़ गए। इससे चना और सरसो की पैदावार भी प्रभावित हो सकती है। आधे घंटे की बारिश से ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही, सुरियावां समेत अन्य बाजारों के निचले हिस्सों में पानी लग गया तो ग्रामीण सड़कें कीचड़ में सन गई। देवाजितपुर गांव के किसान भोलानाथ उपाध्याय ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ। सरकार किसानों को सहूलियत देने के लिए मुआवजा दे।
उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि अभी गेहूं में बालियां नहीं आई है, जिससे उसका नुकसान नहीं होगा। चना और पिछैती सरसो के फूल झड़ने से पैदावार प्रभावित हो सकती है। बारिश का असर खास नहीं होगा। किसान 24 घंटे के अंदर प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए बीमा कंपनी को फोन कर दे, जिससे कंपनी सर्वे कर स्थिति का अवलोकन कर सके।
55 हजार हेक्टेअर में गेहूं की बुआई
ज्ञानपुर। जिले के सभी ब्लॉकों में रबी सीजन में 55 हजार हेक्टेअर में गेहूं की बुआई की गई है। तीन हजार हेक्टेअर में चना और 1500 हेक्टेअर में सरसों की खेती की गई है। मौसम की मार से किसानों को काफी दिक्कतें हो सकती है।