नगर के पीरखांपुर स्थित मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म में बुधवार की रात 14 हाफिज और चार आलिम के फारिग होने पर डिग्री देकर उनकी दस्तारबंदी (पगड़ी बांधना) की गई। इस दौरान आयोजित जलसे में उलेमा ने इल्म की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि इल्म से ही इंसानियत का पैगाम दिया जाता है जबकि रोजगार के दरवाजे भी खुलते हैं। आज संसार इल्म से ही इंसानियत और रोजगार है।
सोनभद्र के मुफ्ती महमूद अख्तर ने कहा कि संसार को अच्छे आलिमों की जरुरत है। इनसे दूसरे लोग सीखते हैं। कहा मदरसे ऐसे ही इदारे हैं, जो इल्म तक्सीम कर रहे हैं। मुफ़्ती ने कहा कि हर मुसलमान को आखिरत में रब के आगे पेश होना है, जहां नेकियों का हिसाब होना है। नेकियां कर ही बुराइयों से बचा जा सकता है।
घोसी से आए मौलाना रिजवान ने कहा की अल्लाह और उसके रसूल के बताए रास्ते पर चलने से इंसान आसमान की बुलंदी हासिल करता है। कहा नेकनीयती सबसे बड़ी नेमत है। मदरसे के कार्यवाहक प्रिंसिपल, वलीउल्लाह खां ने बताया कि कुल 14 हाफिजे कुरआन और चार आलिम की दस्तारबंदी की गई। सदारत शेख रहमतुल्ला कादरी और निजामत फैजान रजा झारखंड ने किया। इसके अलावा मौ. फैसल अशर्फी, मौ.अबदुस्समद जेयाई, मौ. रमजान ने भी खिताब किया।
मो. वकास अंसारी, मो. गौस रजा, सैय्यद ताहा रहमान, मो. हुसैन, मो. वसीम रजा, मो. तसौवर आलम, मो. आसिफ, मो. शाबान अली, मो. रिजवान, मो. जुबैर आलम, मो. गुलाम अली, मो. इंजमामुल हक, अब्दुल रहमान खां, मो. इम्तियाज रजा (सभी हाफिज) मो. आलम रजा, मो, सैफ रजा, मो.जाकिर हुसैन, हसरत अली (आलिम) की दस्तारबंदी हुई।