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लापरवाही में लटका सैकड़ों किसानों का अनुदान

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सरकार से मिलने वाली अनुदान (सब्सिडी) कृषि विभाग की लापरवाही से सैकड़ों किसानों को नहीं मिल सकी है। इसके लिए कई महीने से किसान बैंक और कृषि कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। हर बार आश्वासन के सहारे उन्हें लौटना पड़ रहा है। इसको लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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किसानों की आय दोगुना करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना से लेकर कृषि यंत्र, गेहूं, धान समेत अन्य बीजों पर किसानों को 30 से लेकर 70 फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है। ताकि किसानों को कृषि कार्य में दिक्कत न हो। इस बीच जिले में कृषि विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सैकड़ों किसानों को आठ से नौ महीने बाद भी सब्सिडी की रकम नहीं मिल सकी है। कृषि यंत्र लेने वाले करीब 25 और गेहूं का बीज लेने वाले करीब डेढ़ हजार किसान सब्सिडी के लिए कृषि विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बजट की कमी के कारण अनुदानित रकम नहीं भेजी जा सकी है। सभी किसानों का कागजी औपचारिकताएं पूरी कर सूची शासन को भेजी जा चुकी हैं। उधर, नमामि गंगे योजना के तहत गंगा से सटे 47 गांवों में जैविक खेती करने वाले चार हजार किसानों को भी अब तक अनुदान की धनराशि नहीं मिल सकी है। योजना में शामिल 11 हजार किसानों में से सात हजार को ही अनुदान मिल सका है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह का कहना है कि बजट की कमी से किसानों के खाते में अनुदान की रकम नहीं पहुंच सकी है। सभी के खातों में सीधे डीबीडी होगी। गेहूं बीज लेने वाले कुछ किसानों के खाते में तकनीकी गड़बड़ी के कारण सब्सिडी नहीं पहुंच सकी है। जिसे सुधारा जा रहा है। बजट की कमी से नमामि गंगे में भी अनुदान नहीं मिल सका है।
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