फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी व्यवस्था फेल, छुट्टा पशु बने मुसीबत

विज्ञापन
अभोली के दुर्गागंज में खेत में फसल नष्ट करते छुट्टा मवेशी। संवाद - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने की मुहिम जिले में फेल साबित हुई। इसका परिणाम है कि रबी के सीजन में किसानों की मेहनत चंद घंटो में बर्बाद हो रही है। इसके चलते छुट्टा पशु किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। दूसरी तरफ कड़ाके की ठंड में किसान अपने खेत की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में दो स्थाई और 21 अस्थाई गौशाला संचालित है। जिसमें 3600 मवेशी संरक्षित है। नये आश्रय स्थल न बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा मवेशी किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। रबी की फसल का जमाव शुरु होते ही फसलों को छुट्टा पशुओं से बचाना किसानों के लिए अब मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र के किसान फसलों की सुरक्षा अब बाड़ के सहारे करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन छुट्टा पशुओं का झुंड बाड़ के साथ फसल को भी बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए किसान छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए तरह-तरह की तरकीब लगा रहे हैं। लेकिन सब बेकार साबित हो रहा है। रबी के मौसम में क्षेत्र की प्रमुख फसल गेहूं, सरसो, मटर व सब्जी की सुरक्षा अन्नदाता कहीं बाड़ बना कर तो कहीं मचान बना कर रहे हैं। लेकिन इन पशुओं की बढ़ती संख्या ने अन्नदाताओं के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। ये जिधर से झुंड बना कर निकल रहे हैं बाड़ के साथ-साथ फसल को भी बर्बाद कर दे रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जय सिंह ने बताया कि शासन स्तर से छुट्टा मवेशियों को गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित करने का निर्देश मिला है । इसके लिए गोपीगंज और भदोही नगर पालिका के सहयोग से काऊ कैप्चर से छुट्टा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाकर जल्द ही आश्रय स्थलों पर संरक्षित कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें