फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी दफ्तर खुले, फरियादी दिखे कम

विज्ञापन
भदोही के डीआरडीए कार्यालय के कंप्यूटर कक्ष में काम करते कर्मचारी। - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
ज्ञानपुर (भदोही)। लॉकडाउन के बीच ग्रीन जोन में शामिल जिलों में राहत के क्रम में सोमवार को जिले के सभी सरकारी दफ्तर खुल गए। अधिकारियों संग एक तिहाई कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे। कुछ विभागों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर कार्यालयों में फरियादी ही नहीं दिखे। अधिकारी आगामी तैयारी को लेकर मंत्रणा करते दिखे।
विज्ञापन

कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर 24 मार्च से जिला लॉकडाउन है। इससे सरकारी, निजी दफ्तर से लेकर अन्य प्रतिष्ठान बंद है। एक प्रवासी को छोड़ दिया जाए तो जिले में एक व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला। इसको देखते हुए जिले को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। गृह मंत्रालय का पत्र आने के बाद सोशल डिस्टेेंसिंग का पालन, 33 फीसदी कर्मियों की उपस्थिति के साथ सोमवार को सभी सरकारी दफ्तर खुले। करीब 25 दिनों बाद खुले दफ्तरों का हाल जानने के लिए अमर उजाला टीम दोपहर विकास भवन पहुंची। यहां पर डीआरडीए के कंप्यूटर कक्ष, समाज कल्याण विभाग, सीडीओ कार्यालय, डीडीओ कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में कर्मचारी- अधिकारी आए थे, हालांकि कई विभाग में ताला लटका मिला।
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी कम संख्या में कर्मचारी आए, लेकिन घरांव स्थित जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर फरियादी पहुंचे। किसान सम्मान निधि का पैसा न पहुंचने को लेकर कर्मचारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसी तरह जिला विद्यालय निरीक्षक, डीएसओ, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी के दफ्तर भी खुले। काफी दिनों बाद दफ्तर खुले या कोरोना वायरस का डर लेकिन पहले दिन फरियादियों की संख्या नाममात्र की ही दिखी। मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि लॉकडाउन के कारण अधिकतर लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। शुरुआत में दफ्तरों में भीड़ आना भी ठीक नहीं है। धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर आएगी।
विज्ञापन

परदेशी श्रमिकों को मिलेगा काम
ज्ञानपुर। लॉकडाउन हटने के बाद दूसरे प्रांतों से लौटने वाले श्रमिकों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में काम दिया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति मनरेगा में काम करना चाहेगा तो उसका जॅाबकार्ड बनाकर काम दिया जाएगा। वह जब तक काम करना चाहेंगे कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें