जिले में किराये के भवनों में रहने वाले 58 अधिकारियों के लिए सरकारी आवास बनेगा। यह आवास तीन मंजिल का होगा। सरपतहां में एडीएम आवास के समीप इसके लिए चार हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित कर ली गई है। डीएम ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने पर स्टीमेट बनेगा।
30 जून 1994 को वाराणसी से कटकर भदोही अलग जिला बना था। सरपतहां में कलेक्ट्रेट और कंसापुर में विकास भवन, घरांव में कृषि कार्यालय, ज्ञानपुर में पुलिस लाइन और सरपतहां में पुलिस कार्यालय बनाए गए। डीएम, एसपी समेत क्लास वन के अधिकारियों के लिए आवास भी बन गए, लेकिन क्लास टू के अधिकारियों को तीन दशक बाद भी आवास की सुविधा नहीं मिल पाई। क्लास टू के अधिकारी आज भी किराये के मकान में रहते हैं। अधिकारियों को इसके लिए किराया भत्ता मिलता है, लेकिन किराये के मकान में अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाती है। करीब तीन दशक बाद अब प्रशासन ने 58 अधिकारियों के लिए सरकारी आवास बनवाने की पहल की है।
इनसेट
ये अधिकारी रहते हैं किराये पर
ज्ञानपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला मस्त्य अधिकारी, डीपीआरओ, एआर सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानीय, भूमि संरक्षण अधिकारी, डीडीओ, जिला उद्यान अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, युवा कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास, पर्यटन अधिकारी समेत 58 अफसर शामिल हैं।
वर्जन
58 अधिकारियों के आवास के लिए सरपतहां में जमीन चिह्नित की गई है। करीब चार हजार वर्ग मीटर में तीन मंजिला आवास बनेगा। निर्माण की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
- बाल मुकुंद शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी।