उसे रक्तस्राव भी हो रहा था। इससे आशंका जताई जा रही है कि दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से पहले करीब दो घंटे तक बालिका की शिनाख्त का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे लगता है कि उसकी हत्या कहीं और करके लाश यहां लाकर फेंक दी गई।
प्रयागदासपुर गांव के लोग गुरुवार की सुबह टहलने निकले तो उन्हें एक बगीचे में आम के पेड़ के नीचे आठ साल की बालिका का शव दिखा। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
जानकारी मिलने के बाद गोपीगंज के एसओ रमेश चौबे दलबल के साथ पहुंच गए। बालिका के हाथ-पैर टूटे हुए थे। उसके शरीर पर जो कपड़े थे, वे उलटे थे। उसे रक्तस्राव भी हो रहा था।
गांव वालों ने आशंका जताई कि बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की शाम बालिका बगीचे में आम की टहनियां जुटा रही थी।
हादसे की खबर मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार राय, अपर पुलिस अधीक्षक लल्लन प्रसाद यादव और क्राइम ब्रांच की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद करीब दो घंटे उसकी शिनाख्त कराने की कोशिश की गई, मगर किसी ने उसे पहचाना नहीं।
एसपी अनिल कुमार राय ने बताया कि इस घटना पर नजर रखी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट तौर पर कुछ कहा जा सकता है।