दोहरीघाट/दुबारी। जिले के दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र से होकर मधुबन ब्लाक होते हुए गुजरी घाघरा रविवार को उफान पर रही। शनिवार की रात से घाघरा के जलस्तर में जो बढ़ोत्तरी शुरू हुई, वह रविवार की देर शाम तक जारी रही। इसका परिणाम रहा कि दोहरीघाट से लेकर देवरांचल तक घाघरा का तांडव रहा। दोनों स्थानों पर घाघरा खतरे के निशान के करीब पहुुंच चुकी है।
दुबारी स्थित हाहा नाले पर घाघरा खतरे के निशान को छूने को बेताब है। यहां नदी खतरा बिंदु से मात्र 13 सेमी नीचे बह रही है। जिस रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है ,उससे ऐसा लगता है कि सोमवार तक नदी खतरा बिंदु को पार कर सकती है। दुबारी से लेकर मोलनापुर बरोहा और मूसाडोही आदि मौजों में लगातार कटान हो रही है।आधा दर्जन गांवों के किसानों की गन्ना, धान आदि फसलों सहित जमीनें कटकर घाघरा में विलीन हो रही हैं। उधर परसिया जयरागिरि हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.18 मीटर तक पहुंच गया है। यहां खतरा का निशान 66.31 मीटर है। जलस्तर बढने से किसानों कि मुश्किलें बढ रही हैं । क्षेत्र की कई सड़कें घचाधरा के पानी में डूब गई हैं। गजियापुर से देवारा तक और परसिया जयराम गिरि से देवारा तक और खैरा से देवारा मार्ग जल मग्न हो गया है। कटान पीडितों की पीड़ा है कि अब तक कोई भी अधिकारी उनका हाल जानने नहीं आया है। नदी के तटवर्ती गावों के सीवानों में रोजाना दो तीन बीघे जमीन फसलों सहित कटकर नदी में विलीन हो रही है। इस संबंध में सत िराम यादव ,पलकधारी यादव, बालेश्वर यादव, हरख यादव ,दीना और नौमी आदि ने मांग किया है कि कटान पीडित 50 से किसानो कि जमीनें कटकर नदी में समा गई हैं , उन्हें समुचित मुआवजा दिया जाए।
इनसेट
नेपाल से छोड़ा गया 50 हजार क्यूसेक पानी
दोहरीघाट। घाघरा का जल स्तर पिछले 24 घंटे में 15 सेटीमीटर बढ़ गया है। नेपाल से घाघरा नदी में 65 हजार क्यूसेक पानी शनिवार को छोड़ा गया। जिस तेजी से नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है , उससे लगता है कि सेेमवार को नदी के खतरा बिंदु पार कर जाने की संभावना है। नगर एवं तटवर्ती इलाकों में दहशत बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने से भारत माता मंदिर पर खतरा बढ गया है। एरविवार को गौरीशंकर घाट पर जल स्तर 69.74 मीटर रहा जब कि शुक्रवार को जल स्तर 69.59 मीटर था। इस तरह से 24 घंटे में जल स्तर 15 सेमी बढ़ गया। यहां पर खतरे का निशान 69.90मीटर है ।जलस्तर बढ़ाने से नगर की अनेक ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम ,दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला ,शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर आदि का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है ।मुक्ति धाम पर स्थित भारत माता मदिर तथा शवदाह घाट पर घाघरा की लहरें तेजी से टक्कर मार रही हैं। जिससे स्थिति विषम हो गयी है तथा इन दोनो स्थलों पर खतरा मंडराने लगा है। नदी के बढने से घाघरा के तटवर्ती इलाको मे पानी फैलने के डर से फसलों के डूब जाने के आशंका से किसान चिंतित हो गये हैँ।