नारायण कटरा में चल रहे भागवत कथा में शुक्रवार को कथावाचक प्रेममूर्ति पं. अनादि ने कहा कि जिस तरह से मनुष्य के शरीर पांच तत्व होते हैं, उसी तरह से भागवत में राम पंचाध्यायी का कथा आता है, जो भगवान के पंच प्राण है, भगवान महराज उन्हीें गोपियो के संग महारास करते थे।
जीवात्मा को परमात्मा से मिलना चाहते हैं तो उसके अंदर गोपीभाव होने चाहिए। अनादि ने कहा कि संसार में हम सभी गोपी हैं केवल परमात्मा श्रीकृष्ण ही पुरूष है।
इसके अलावा भी अनादि ने कई भागवत के कई प्रसंगो की चर्चा करके श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। इस मौके पर डॉ. सुरेंद्र नाथ दुबे, सपना दुबे, नरेंद्र दुबे, इंदू दूबे, नीरज आदि रहे।