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Bhadohi News: समय से कराएं उपचार नहीं होंगे अंधेपन का शिकार

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ज्ञानपुर। ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी है, जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है। ग्लूकोमा को काला मोतिया भी कहा जाता है, जो आंखों की गंभीर बीमारी है। यह बीमारी पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा होती है। इस बीमारी का समय से उपचार नहीं किया गया, तो मरीज की आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
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सरपतहां स्थित सीएमओ कार्यालय पर सोमवार को 13वें विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत आयोजित प्रेसवार्ता में सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्लूकोमा सप्ताह 18 मार्च तक चलेगा। यह बीमारी पांच प्रकार की होती है। लोगों को नियमित आंख की जांच करानी चाहिए। नेत्र सर्जन डॉ. सुरेंद्र बिंद ने कहा कि ग्लूकोमा की जांच महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में निऱ्शुल्क की जाती है। यह बीमारी 40 साल के बाद अमूमन होती है, पुरुष की अपेक्षा महिला में ज्यादा होने की आशंका रहती है। बीमारी के लक्षण के बारे में बताया। कहा कि आंख और सिर में तेज दर्द होना, नजर कमजोर होना धुंधला दिखना, आंखें लाल होना और रोशनी के रंगीन छल्ले दिखाई देना आदि है। 60 साल के बाद ग्लूकोमा का खतरा अधिक होना। इस मौके पर डीएमओ राम आसरे पाल, डॉ. जेसी सरोज, विनोद मिश्र, प्रभात मिश्र, सुनील, डानिस, प्रमोद बिंद, मनोज पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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