गोपीगंज में इंडक्शन चूल्हा का मरम्मत करता मिस्त्री। संवाद
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लालानगर। जिले में सिलिंडर की किल्लत बढ़ती जा रही है। बुधवार को एजेंसियों पर लंबी लाइनें दिखी। सिलिंडर संकट के बीच इंडक्शन चूल्हों की बिक्री तेज हो गई है।
लोग न सिर्फ नए चूल्हे ले रहे है, बल्कि इंडक्शन चूल्हा में आने वाली तकनीकी खामियों को दूर करने वाले मिस्त्री भी इस समय खाली नहीं है।
औसतन हर दुकान से 8 से 10 इंडक्शन चूल्हा हर दिन बिक रहे हैं। वहीं, मरम्मत के लिए छह से आठ पहुंच रहे हैं। सामान्य चूल्हा जहां 1500 से 2500 के बीच वहीं ब्रांडेंड कंपनी का चूल्हा 3500 से 4500 के बीच बिक रहा है।
सिलिंडर संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति यह हो गई है कि लोग अब घर में अतिरिक्त सिलिंडर भी रख रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर लंबे समय तक यह समस्या बनी रही तो काफी परेशानी हो सकती है।
जिले की 40 गैस एजेंसियों पर मांग के अनुरूप सिलिंडर नहीं पहुंच रहे हैं। सिलिंडर आने की सूचना जैसे ही मिल रही है। वैसे ही वहां उपभोक्ताओं की भीड़ जुट जा रही है। बुधवार को ज्ञानपुर कोतवाली के इंडियन गैस एजेंसी पर 150 मीटर लंबी लाइन लगी दिखी।
दुर्गागंज तिराहे पर सप्लाई को पहुंचे सिलिंडर वाहन के पास भी 50 मीटर तक लाइन लग गई। ऐसा हाल जिले की लगभग सभी गैस एजेंसियों पर, जहां-जहां सिलिंडर आया हुआ था। वहां ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
सिलिंडर की बढ़ती खपत के बीच इंडक्शन चूल्हे का बाजार गर्म हो गया है।