ज्ञानपुर के बड़ाडीह में स्थापित गणपति बप्पा की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।
जिले में गणेशोत्सव की धूम मची है। जगह-जगह स्थापित पूजा पंडालों में गणपति की आराधना के साथ ही कई पूजा समितियों ने पूजा पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को प्रतिमाओं का विसर्जन भी कर दिया। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ...के जयघोष के साथ खमरिया नगर इलाके की दर्जनभर प्रतिमाओं का विसर्जन चकवा स्थित नहर में किया गया।
गंगा में विसर्जन पर रोक लगने के बाद मूर्ति विजर्सन को लेकर पूजा समितियां असमंजस में थीं। माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी या तो विसर्जन को लेकर छीछालेदर मचेगी या फिर चोरी-छिपे नदियों में प्रतिमा विसर्जन कर दिया जाएगा। लेकिन, पूजा समितियों और श्रद्धालुओं ने सूझबूझ का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जन करना शुरू कर दिया है। खमरिया संवाददाता के मुताबिक नगर की चार, श्रीवास्तव बस्ती, घमहापुर, मधईपुर और धोबियान मोहल्ले की एक-एक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। बाजे-गाजे के साथ डीजे की धुन पर नाचते-गाते निकले श्रद्धालुओं ने चकवा महावीर के समीप ज्ञानपुर मुख्य नहर में मूर्तियों का विसर्जन किया। इस दौरान जमकर जयकारे लगे और गुलाल उड़े। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। विदाई के दौरान लोगों ने गणपति को अगले बरस जल्दी आने की कामना की। इसी तरह जिले के अन्य हिस्सों में भी गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।