लालानगर। जिले के बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने में 22 आरोपियों के खिलाफ गोपीगंज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें नकली सोने को असली बताने वाले गैंग लीडर सराफा कारोबारी राजू सेठ पर भी कार्रवाई की गई है।
डीजीपी के निर्देश पर जिले की पुलिस आपराधिक घटनाओं में लिप्त लोगों पर कार्रवाई कर रही है। जिला मजिस्ट्रेट की संस्तुति पर मंगलवार को पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। इसमें गैंग लीडर राजू सेठ निवासी दुर्गागली सदर मोहाल गोपीगंज, लाल साहब निवासी श्रीपुर ज्ञानपुर, श्यामसुंदर पाल निवासी गुलौरी, धीरज कुमार निवासी पुरेराम गुलाम, दिनेशचंद निवासी पुरे भिखारी, अखिलेष कुमार पंडा निवासी पुरे राम गुलाम शामिल हैं। इनके अलावा प्रदीप कुमार निवासी गुलौरी उपरवार, विक्की बादशाह उर्फ शिवम उमर वैश्य निवासी अंजनी मोहाल पर भी गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। इसी तरह पल्टू उर्फ आनंद सेठ निवासी वार्ड नंबर 22 काली देवी मिर्जापुर रोड, मनोज कुमार माली निवासी काली देवी मंदिर, विनोद कुमार निवासी गडौरा, निर्मला देवी निवासी पाली, राम सिंह निवासी बंजारी, शंकर निवासी नारेपार सीतामढी, मोहम्मद अरमान निवासी कटरा बाजार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हुई है। इनके अलावा हंसराज निवासी नारेपार, अजय निवासी ऊपरवार, राहुल निवासी खेम्हईपुर, तेजमनी निवासी मल्लूपुर, 19 गुड़िया निवासी बड़े शिव की गली काली देवी गोपीगंज, राजेश निवासी ऊपरवार और बच्चन निवासी गोपपुर पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हुई है। एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि यह संगठित आपराधिक गिरोह जनपद स्तर पर सक्रिय है। गिरोह के सदस्य आर्थिक, भौतिक लाभ के लिए गिरोह बनाकर काम करते हैं। बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से नकली आभूषण को असली के रूप में प्रमाणित करते हुए कूट रचना एवं धोखाधड़ी करते हुए आपराधिक षडयंत्र कर बैंक को नुकसान पहुंचाते हैं।