रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम पर चढ़े बाढ़ के पानी से बच्चों को गोद में लेकर निकलती महिलाएं। संवाद
जिले में गंगा का जलस्तर रविवार को तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि सुबह आठ बजे जलस्तर 61.850 मीटर था, जो शाम पांच बजे बढ़कर 62.120 मीटर पहुंच गया।
नौ घंटे में 27 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ गया। तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण शहर के गंगा घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो गईं। वहीं रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम बाइपास मार्ग पर एक सप्ताह में दूसरी बार बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
शहर के 15 गंगा घाटों पर पानी तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। कलक्टर घाट, चीतनाथ, ददरीघाट, रामघाट, गोलाघाट, खिड़की घाट, पोस्ताघाट और अंजनी घाट समेत अन्य घाटों पर गिनी-चुनी सीढ़ियां ही दिखाई दे रही हैं। ददरीघाट पर महज नौ सीढ़ियां शेष बची हैं।
जलस्तर बढ़ने के साथ फ्लोटिंग बैरियर और जेटी का स्थान भी बदल गया है। नाविकों ने नावें बांध दी हैं। घाटों के नालों में भी पानी ओवरफ्लो होने लगा है। अभी कटान शुरू होने की सूचना नहीं है।