सीतामढ़ी। पहाड़ी और पठारी इलाकों में बारिश होने और नदियों में छोड़े जा रहे पानी से गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। जिले में गंगा ने तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। गंगा का जलस्तर इस बार रिकाॅर्ड 78.710 मीटर पर पहुंच गया है। इस समय पांच सेमी की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। जिले में गंगा चेतावनी बिंदु से अब केवल सवा मीटर दूर हैं।
एक सप्ताह पहले गंगा 78.20 मीटर तक पहुंचकर लौटने लगी थीं। जिले में गंगा का तटवर्ती इलाका लगभग 36 किमी है। जहां-जहां गंगा का घुमाव होता है, वहां कटान की समस्या होती है। कोनिया क्षेत्र गंगा से तीन ओर से घिरा इलाका है। यहां कटान हो रही है। छेछुआ, भुर्रा, मवैयाथानसिंह में भी कटान हो रही है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत है।
पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर 78.710 मीटर तक पहुंच गया है। गंगा का जलस्तर अब चेतावनी बिंदु से महज सवा मीटर नीचे है। कोनिया क्षेत्र बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। क्षेत्र के सभी गांवों का नाता गंगा से है।
सीतामढ़ी में स्थापित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज हो रही। गंगा की बाढ़ इस सीजन में उच्चस्तर पर है। सीतामढ़ी की दर्जन भर से अधिक पक्की सीढि़यां डूब गई हैं। इसी तरह, बाबा धवासा नाथ महादेव मंदिर गंगा घाट की कई सीढि़यां पानी में डूब गई हैं। उड़िया बाबा आश्रम की नींव लगभग 6 फीट पानी में डूब गई है। सीतामढ़ी और बारीपुर गांव में गंगा के पास बनी बंधी के कुएं से गंगा का पानी खेतों की ओर बढ़ने लगा है। इस बंधी के माध्यम से बारिश का पानी गंगा में जाता है, लेकिन जलस्तर बढ़ जाने से पानी ओवरफ्लो होकर खेतों की ओर बढ़ रहा है। इसी तरह इटहरा के बाबा गंगेश्वर नाथ मंदिर और संत नागा बाबा आश्रम के पास गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है।
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इनसेट
गंगा में नौका संचालन फिर से बंद
गंगा में उफान को देखते हुए नौका संचालन के लिए एक बार फिर से बंद कर दिया गया है। सीतामढ़ी, धनतुलसी, रामपुर सहित सभी गंगा घाटों पर सुरक्षा की दृष्टि से नौका संचालन बृहस्पतिवार से ही बंद कर दिया गया है। गंगा के उफान पर होने के कारण नौका संचालन खतरे से खाली नहीं है। नारेपार के श्यामबहादुर सिंह, सुनील सिंह, दुर्गेश तिवारी, ऐशू सिंह आदि समाज सेवियों ने छेछुआ, भुर्रा सहित विभिन्न गांवों में गंगा की बाढ़ का जायजा लिया। प्रदेश सरकार से गंगा की कटान रोकने के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
जिले में ये हैं प्रशासनिक इंतजाम
जिले में बाढ़ से प्रभावित होने वाले 212 गांवों में विभागीय टीमों को समय-समय पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि 22 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ से बचाव के लिए 40 छोटी नाव, 15 बड़ी नाव, 10 मझौली नाव, एक सरकारी नाव, तीन मोटर बोट और 13 गोताखोरों को लगाया गया है। सभी 22 बाढ़ चौकियों पर दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। एक कर्मचारी चौकी पर 12 घंटे रहेगा।
इस साल जुलाई में कोटे से 8 मीमी अधिक हुई बारिश
जिले में जुलाई में इस सीजन में 290 मीमी बारिश हुई। जुलाई महीने में बारिश का कोटा 282 मीमी है। वहीं जून में इस साल 70 मीमी बारिश हुई जबकि कोटा 108 मीमी का है।
भदोही में गंगा
चेतावनी बिंदु: 80.20 मीटर
खतरे का निशान: 81.20 मीटर
वर्तमान जलस्तर: 78.710 मीटर
कंट्रोल रूम नंबर: 05414-250223 और 05414-250308
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वर्जन
जलस्तर शाम 5 बजे 78.710 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा का जलस्तर 5 सेमी प्रतिघंटे बढ़ रहा है। जलस्तर 78.600 मीटर से अधिक हो गया है। अगले कुछ दिनों तक जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। - सुधीर कुमार, एक्सईएन नहर।