बैंकों में नकली सोना रखकर लोन लेने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस ने कर दिया। नौ लाख 38 हजार का सोना बरामद करते हुए सुनार समेत पांच लोगों को रविवार को जेल भेज दिया। उनके करीबियों की तलाश में पुलिस अब जुट गई है। गिरोह में शामिल सभी सदस्यों की जिम्मेदारी तय की गई थी।सोना लाने, ग्राहकों को सेट करने और बैंक के बैलुअर से तालमेल बनाने का काम अलग-अलग लोगों को दी गई थी।
रविवार को पुलिस लाइन में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल पत्रकारों से रूबरू होकर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बैंकों से फर्जी तरीके से गोल्ड लोन कराने और नकली सोने का लालच देकर ठगी करने की घटनाओं के चार मुकदमों में पुलिस जांच कर रही थी। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को इंडियन बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीत कुमार ने नकली सोना बैंक में जमा कर गोल्ड लेने की शिकायत की।
पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू किया। इसके अलावा 29 मार्च को ज्ञानपुर, 22 अक्तूबर 2024 को यूबीआई गोपीगंज के प्रबंधक राजन संडेवार और 22 अक्तूबर 2024 को सेंट्रल बैंक गोपीगंज के क्षेत्रीय प्रमुख दुर्गेश एन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। जिसमें नकली सोना बैंक में जमा कर अनधिकृत तरीके से गोल्ड लोन लेने का मामला रहा।
शनिवार की रात में पुलिस टीम ने वन विभाग कार्यालय गिराईं से गिरोह के सरगना राजू सेठ, लाल साहब निवासी श्रीपुर ज्ञानपुर, अखिलेश कुमार पांडेय निवासी पूरेगुलाम, श्याम सुंदर पाल निवासी गुलौरी, धीरज कुमार निवासी पूरेगुलाम को गिरफ्तार किया। उनके पास से 104.25 ग्राम सोना बरामद किया। जिसकी कीमत नौ लाख 38 हजार है।
एएसपी ने बताया कि गिरोह में विक्की बादशाह उर्फ शिवम उमर और पल्टू उर्फ आनन्द नकली सोना उपलब्ध कराते थे। लाल साहब और श्याम सुंदर पाल लोगों को कुछ पैसे का लालच देकर उन्हे ग्राहक बनाकर उनके नाम पर बैंकों में नकली सोना जमा कर फर्जी तरीके से गोल्ड लोन करते। गिरोह में शामिल राजू सेठ जो विभिन्न बैंकों में आभूषण जांच के लिए अधिकृत बैलुअर से सेटिंग करता।
आरोपियों ने बताया कि अब तक 30 घटनाएं उनकी तरफ से की गई। एएसपी ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों एवं करीबियों की तलाश पुलिस कर रही है।