Ayurvedic Hospital : ज्ञानपुर जिले में चार आयुर्वेदिक अस्पताल बिना चिकित्सकों के चल रहे हैं। जिसमें मतेथू, चंद्रापुर, लक्ष्मणपुर, दुर्गागंज का आयुर्वेदिक अस्पताल शामिल हैं। चिकित्सक न होने से यहां पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी होती है। यह अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहे हैं। इन अस्पतालों पर रोजाना करीब 200 से 225 की ओपीडी होती है। जिन्हें जांच कर दवा उपलब्ध कराई जाती है।
जिले के विभिन्न स्थानों पर कुल 26 आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित हैं। इसके सापेक्ष केवल 22 चिकित्सकों की ही तैनाती है। इनमें से भी पांच चिकित्सक और पांच फार्मासिस्ट की ड्यूटी महाकुंभ मेला को लेकर प्रयागराज और वाराणसी में लगाई गई है।
जिले में इस समय 17 चिकित्सक मौजूद हैं। इन दिनों लोगों का आयुर्वेद के प्रति रुझान बढ़ा है। जिससे आयुर्वेदिक अस्पतालों पर मरीज भी बढ़े हैं। हर अस्पताल पर हर दिन औसतन 50 से 60 मरीज पहुंचते हैं। इसके बाद भी जिले में चार आयुर्वेदिक अस्पताल ऐसे हैं, जहां एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है।
कहीं पर फार्मासिस्ट तो कहीं पर चिकित्सक कमान संभाल रखे हैं। जिन अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। वहां फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, स्वीपर के भरोसे अस्पताल संचालित हो रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीज का उचित उपचार कैसे हो पाएगा।