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Bhadohi News: मारपीट कर घायल करने वाले चार दोषियों को तीन साल की कैद

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ज्ञानपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सोमवार को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के चार दोषियों को तीन साल के कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी दोषियों पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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गोपीगंज कोतवाली के अमवांमाफी गांव में 2018 में आरोपियों ने एकजुट होकर पीड़ित परिवार पर हमला कर दिया था। जिसमें पीड़ित परिवार के कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज जांच शुरू की। वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने इस मामले में चारों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने चारों दोषियों को मारपीट के दौरान गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी पाया। कोर्ट ने गनीराम, रणधीश, रामसजीवन और सुभाष यादव निवासी अमवांमाफी को तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी के खिलाफ चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
ट्रक की नहीं कराई मरम्मत, इंश्योरेंस कंपनी को देना होगा 3.98 लाख क्षतिपूर्ति

ज्ञानपुर। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की मरम्मत का खर्च न देने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को परिवादी को तीन लाख 98 क्षतिपूर्ति का आदेश दिया। इसके अलावा सेवा में कमी करने पर 12 हजार जुर्माना भी लगाया है। चेतावनी दी कि आदेश का अनुपालन न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी अदा करना होगा।
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भदोही के पिपरिस गांव निवासी सतीश कुमार यादव ने 15 फरवरी 2024 में न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड अजीमुल्ला चौराहा भदोही को पार्टी बनाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि परिवादी का ट्रक 24 मार्च 2024 तक बीमा था। परिवादी 20 जून 2023 को स्वयं ट्रक पर माल लोड करने के लिए खाली ट्रक लेकर गया बिहार जा रहा था कि कैमूर हाईवे के कुर्दग्राम में कंटेनर की टक्कर से ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया।
परिवादी की ओर से बीमा कंपनी को क्षतिग्रस्त ट्रक में आए खर्च का भुगतान करने के लिए बिल भेजा गया, लेकिन बीमा कंपनी ने झूठा आश्वासन दिया और क्लेम को खारिज कर दिया। जिससे परिवादी के द्वारा जिला उपभोक्ता अदालत में मुकदमा दायर किया गया। परिवादी के अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की ओर से बताया गया कि विपक्षी ने जानबूझकर क्लेम को खारिज किया। जिला उपभोक्ता अदालत की तीन सदस्य पीठ के न्यायाधीश अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य विजय बहादुर सिंह और महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद बीमा कंपनी को परिवादी को तीन लाख 98 हजार क्षतिपूर्ति और 12 हजार जुर्माना लगाया। अदालत ने अपने आदेश में विपक्षी को आगाह किया कि उपरोक्त आदेश का अनुपालन निर्धारित अवधि में न करने पर उपरोक्त समस्त धनराशि पर क्लेम खारिज करने की तिथि 16 जनवरी 2024 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 12 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी विपक्षी बीमा कंपनी को अदा करना होगा। यह जानकारी उपभोक्ता फोरम के रीडर स्वतंत्र रावत ने दी।
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