2002 में सांसद फूलन देवी के निधन के बाद उप चुनाव में सपा से चुनाव लड़े और बसपा के प्रत्याशी नरेंद्र कुशवाहा को हराकर सांसद बने। 2009 में टिकट न मिलने पर वह अपना दल से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। करीब एक साल तक वह बसपा में भी रहे। 2014 में भाजपा में गए, लेकिन टिकट न मिलने पर फिर सपा में आ गए।
करीब 68 साल के राजनीतिक सफर में वह 65 साल तक सपा में रहे। वह अपने पीछे चार बेटे और पांच बेटियों समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने बताया कि कुछ दिनों से वह बीमार चल रहे थे। वाराणसी के एक निजी अस्पताल में वह भर्ती थे।
रविवार को दोपहर में निधन हो गया। उनका निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। जिसकी भरपाई पार्टी नहीं कर सकेगी। निवर्तमान जिला महासचिव ओम प्रकाश यादव ने बताया कि अंतिम दर्शन के लिए शव को नेवादा स्थित पैतृक आवास पर रखा गया है।